बांदा में कोरोना वायरस, बर्ड फ्लू के बाद अब स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट घोषित किया है। इस बीमारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य निदेशालय ने अलग वार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। यह बीमारी सुअरों से फैलती है। लेकिन सुअरों का सार्वजनिक स्थलों पर छुट्टा घूमना बरकरार है। उधर, मौसमी बीमारियों से ओपीडी मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
जिला अस्पताल में रोजाना 1300 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। प्रदेश के स्वास्थ्य निदेशालय द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि मौजूदा समय में स्वाइन फ्लू का भी खतरा है। इसके लिए विशेष तैयारी की जाए। मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल और सभी सीएचसी व पीएचसी में अलग वार्ड/बेड आरक्षित किए जाएं। सीएमओ डा.संतोष कुमार ने बताया कि फिलहाल जनपद में स्वाइन फ्लू का कोई केस नहीं मिला है।
फिर भी निर्देशों के मुताबिक जिला अस्पताल में 10 बेड और सीएचसी-पीएचसी में 5-5 बेड के विशेष आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। मेडिकल कालेज में भी 8 बेड आरक्षित किए गए हैं। गौरतलब है कि स्वाइन फ्लू मुख्य रूप से सुअरों से फैलता है। लेकिन शासन या स्थानीय प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।
शहर से लेकर गांवों तक आवारा सुअर लगातार नजर आ रहे हैं। घनी बस्तियों और बाजारों में भी इनके झुंड हैं और यह आम लोगों के संपर्क में रहते हैं। ऐसे में जनपद के नागरिकों पर स्वाइन फ्लू का खतरा मंडरा रहा है।
श्वांस तंत्र में इनफेक्शन पैदा कर देता है स्वाइन फ्लू
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस, बर्ड फ्लू व स्वाइन फ्लू आदि संचारी रोग वायरल डिजीज में आते हैं। इनके मरीजों को अलग वार्ड में ही रखा जाता है। फिलहाल उक्त तीनों रोगों का यहां कोई मरीज नहीं मिला। जिला अस्पताल के सीएमएस डा.एसएन मिश्रा ने बताया कि स्वाइन इंफ्लूएंजा-ए-वायरस के एच-1, एन-1 वायरस से होता है। यह वायरस श्वांस तंत्र में इनफेक्शन कर देता है।
सुअर पालकों को जारी की जाएगी नोटिसें
नगर पालिका अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि स्वाइन फ्लू को लेकर सीएमओ दफ्तर से कोई पत्र नहीं आया। सुअरों के सार्वजनिक स्थलों व अन्य खुले स्थानों में घूमने पर अंकुश लगाने के लिए कई बार कार्रवाई की गई। सुअर पालकों को नोटिस दी गई। अब इस मामले में सख्ती बरती जाएगी। पुन: सुअर पालकों को नोटिस जारी कर दो दिन में बाड़े में बंद करने की चेतावनी दी जाएगी। न मानने पर जानवर पकड़ाकर बंद किए जाएंगे। पुलिस को भी कार्रवाई के लिए पत्र भेजेंगे।