सपा से अपना रिश्ता तोड़ने के बाद बसपा फिर से विधानसभा उपचुनाव की तैयारी में तेजी से जुट गई है। पार्टी के सामने दिक्कत यह आ रही है कि उसे चुनाव में उतारने के लिए मानक वाले प्रत्याशी नहीं मिल रहे हैं।
कानपुर के गोविंदनगर विधानसभा उपचुनाव में पार्टी किसी ब्राह्मण या सवर्ण को मैदान में उतारना चाहती है। फिलहाल उसके पास ऐसा कोई आवेदन नहीं आया है।
यही वजह है कि पार्टी अनुसूचित जाति के प्रत्याशी पर भी विचार कर रही है। इन सभी मसलों को हल करने के लिए पार्टी की प्रमुख मायावती ने दो जुलाई को कानपुर मंडल के सभी प्रमुख पदाधिकारियों को लखनऊ बुलाया है।
पार्टी पदाधिकारियों को भेजे गए निर्देश में मायावती ने कहा है कि वे अपने क्षेत्र के उन विधानसभा क्षेत्रों की पूरी डिटेल के साथ आएं, जहां पर उप चुनाव संभावित हैं। कानपुर के साथ कई और मंडलों के पदाधिकारियों को भी बुलाया गया है।
स्थानीय स्तर पर अभी तक कुछ ऐसे लोगों ने आवेदन प्रदेश कार्यालय भेजे हैं, जो पार्टी के पुराने कार्यकर्ता रहे हैं। इधर कांग्रेस पार्टी में भी उप चुनाव को लेकर अभी कोई सक्रियता नजर नहीं आ रही है।
संगठन स्तर पर चल रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए, जो दावेदार हैं, वे भी चुप्पी साधे हैं। माना जा रहा है कि 10 जुलाई के के आसपास बहुत कुछ स्थितियां स्पष्ट हो सकती है। इस बीच सपा भी चुनाव की तैयारी में जुटी है।