कानपुर। छात्राओं के महाविद्यालय के रूप में विख्यात कानपुर विद्या मंदिर महिला महाविद्यालय में अब छात्रों को भी दाखिला मिलेगा। 41 सालों के इतिहास में पहली बार बदलाव करते हुए महाविद्यालय में सह-शिक्षा की शुरुआत होगी।
यह व्यवस्था 2025-26 सत्र से लागू होगी। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने इसे मंजूरी दे दी है। महाविद्यालय में बीए, बीएससी और बीकॉम तीनों संकाय है, लेकिन छात्रों को बीएससी और बीकॉम में दाखिला मिलेगा।
छात्राओं की लगातार कम हो रही संख्या और छात्रों के बार-बार दाखिले के आवेदन आने के बाद महाविद्यालय को सह-शिक्षा में तब्दील करने पर विचार किया जा रहा था। पिछले तीन सालों से छात्रों ने दाखिले के लिए कई बार आवेदन किया।
इसके बाद सीएसजेएमयू को पत्र लिखकर महिला महाविद्यालय को सह-शिक्षा में तब्दील करने का पत्र लिखा गया था। इस पर पर विवि ने भी मंजूरी दे दी। प्राचार्य प्रो. पूनम विज ने कहा कि इसी सत्र से छात्राओं के साथ छात्रों की भी दाखिला प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (नैक) बंगलूरू की ओर से 2008 में कानपुर विद्या मंदिर महिला महाविद्यालय को ए ग्रेड और 2019 में बी ग्रेड दी गई थी। वर्ष 2025 में महाविद्यालय नैक के तृतीय चरण के लिए प्रक्रियाधीन है।
1984 में कॉलेज की शुरुआत छात्राओं को उच्च शिक्षा देने के उद्देश्य से हुई थी। एक समय शीर्ष कॉलेजों में से रहे इस महाविद्यालय में दाखिले को लेकर लाइन लगती थी। कई बड़े लोगों की सिफारिशें लगती, लेकिन धीरे धीरे संख्या कम होती चली गई। इससे अब छात्रों की भी दाखिला प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
कॉलेज में उपलब्ध सीटें
बीए – 360 सीट
बीएससी बॉटनी – 120 सीट
बीएससी मैथ्स – 120 सीट
बीकॉम – 120 सीट
एमए एजुकेशन – 60 सीट
एमए संस्कृत – 60 सीट