मंदिर के सर्वराकार को मूर्तियां सौंपते पुलिस कर्मी।
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डेरापुर। रामलला, सीता व लक्ष्मण की मूर्तियां शनिवार को कोर्ट के आदेश के बाद डेरापुर थाना के मालखाना से 40 साल बाद बाहर निकल आईं। यह मूर्तियां वर्ष 1985 में हथूमा के रामजानकरी मंदिर से चोरी हुईं थीं। पुलिस ने लिखापढ़ी के बाद मूर्तियों को मंदिर के सर्वराकार को सौंप दिया है।
हथूमा के रामजानकी मंदिर में स्थापित राम सीता व लक्ष्मण की मूर्तियां अक्तूबर 1985 में चोरी हो गईं थीं। मंदिर के सर्वराकार ने राजाराम कटियार ने बताया कि मूर्तियां अष्टधातु की हैं। चोरी होने के बाद तत्कालीन चौकी प्रभारी लज्जाराम यादव ने अप्रैल 1986 में शैलेंद्र कटियार को मूर्तियों की चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद उन्होंने आरोपी के चाचा के कारखाने से चोरी गईं मूर्तियों को बरामद किया था। तभी से मामला कोर्ट में विचाराधीन है। उसने मूर्तियों के मंदिर में स्थापित करवाने के लिए कोर्ट से गुहार लगाई थी। इसपर कोर्ट ने डेरापुर थाना पुलिस को मूर्तियां सौंपने के आदेश दिए थे।
उन्होंने बताया कि मंदिर के नाम करीब 22 बीघा जमीन भी आती है। मंदिर का करीब चार लाख रुपये से जीर्णोद्धार करवाया जा चुका है। मूर्तियों की स्थापना का 17 अगस्त को मुहूर्त है। उसी दिन मंदिर में राम लला, सीता व लक्ष्मण की मूर्तियों की स्थापना करवाई जाएगी। साथ ही मंदिर परिसर में सुरक्षा के भी इंतजाम किए जाएंगे। डेरापुर थानाध्यक्ष संजेश कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर श्री राम, सीता व लक्ष्मण की मूर्तियों को मंदिर के सर्वराकार को सौंप दिया गया है।