ट्रांसपोर्टर की परिवार समेत हत्या के मामले में पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। 20 से अधिक संदिग्ध लोगों से पूछताछ हो चुकी है। लेकिन, हत्याकांड को लेकर कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगा है।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस हत्याकांड से जुड़े कई लोगों की लगातार नजर बनाए हुए हैं। यहीं गांव के भी कई लोगों से पुलिस ने तमाम जानकारियां जुटाईं हैं। पुलिस की दोनों जांच टीम अपने अपने प्वाइंट पर पूरी तरह घटना के जुड़े तार तलाशने में जुटी हैं। हत्याकांड में गांववालों ने बताया था कि ट्रांसपोर्टर की हत्या से पहले कई वाहन उनका पीछा करते थे। मामले में पुलिस अधीक्षक सभाराज ने सीओ अकबरपुर संजीव कुमार सिन्हा और सीओ क्राइम अरुण कुमार के नेतृत्व दो जांच टीमें भी बनाई हैं। जो अब तक हत्याकांड से तार और तथ्य जुटाने में जुटी हैं।
बता दें कि छह जुलाई सोमवार की रात पेराजोर निवासी रामसागर सिंह चंदेल(32) पुत्र रमेश सिंह अपनी पत्नी शीला चंदेल और पांच वर्षीय मासूम हरिकेश के साथ गांव के बाहर बने मकान में सो रहे थे। तभी रात में बदमाशों ने छत के रास्ते घुसकर पूरे परिवार की धारदार हथियार से हत्या कर दी। वहीं इस मकान के आगे के हिस्से में रामसागर की मां ममता (50) पिता रमेश (60) और दो बेटियां सो रहे थी। रात में उनको इतनी बड़ी वारदात होने की जरा आवाज तक सुनाई नहीं दी। हत्या की रात यानी सोमवार शाम रामसागर अपने चचेरे भाई अजब सिंह के साथ रायपुर स्थित ट्रांसपोर्ट का काम खत्म कर रात 11 बजे अपने गांव पेराजोर आया था। फिलहाल हत्याकांड के 26 दिन बीत चुके हैं। पिता रमेश का कहना है कि वारदात करने वालों का सुराग न लग पाने से वह काफी निराश हैं। कहा कि बदमाश पेशेवर हत्यारे थे और कई लोग घर में घुसे थे और सारे वार सिर पर ही किए ताकि कोई बच न सके। कहा कि सुबह चार बजे नींद खुली तो घर में अंदर जाने का दरवाजा खुला हुआ था। मां ममता ने अंदर जाकर देखा तो बेटा, बहू और पोता के शव चारपाई में पड़े थे। बताया कि हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बदमाश छत के रास्ते आए थे और वहीं से गए। खोजी कुत्ता भी शव को सूंघने के बाद छत पर चला गया था। सीओ अकबरपुर संजीव सिन्हा ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। सभी संदिग्धों पर नजर बनाए हुए हैं।