कानपुर देहात। अकबरपुर तहसील समेत जिले की सभी छह तहसीलों में ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को एकीकृत बार एसोसिएशन ने भी तहसील इकाईयों के अधिवक्ताओं के आंदोलन का समर्थन किया। माती कचहरी में एकीकृत बार एसोसिएशन ने न्यायिक कार्य नहीं किया। इधर अकबरपुर तहसील में अधिवक्ताओं ने निबंधन कार्यालय के बाहर धरना दिया।
सरकार की ओर से ई-रजिस्ट्री व ऑनलाइन पंजीयन की व्यवस्था लागू की गई है। इसका अधिवक्ता विरोध कर रहे हैं। सभी तहसीलों में मंगलवार को भी कलम बंद हड़ताल जारी रही। इसकी वजह से बैनामा नहीं हो सके। इधर कोर्टाें में भी वादकारियों को सामान्य तारीख दी गई। हड़ताल में स्टांप वेंडर भी पहले से शामिल हैं। इसकी वजह से नोटरी आदि के काम भी नहीं हो रहे हैं। लोगों को शपथ पत्र बनवाने के लिए भटकना पड़ रहा है।
मंगलवार को सुबह से ही अधिवक्ता निबंधन कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। अधिवक्ता एकता जिंदाबाद और ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया के खिलाफ नारेबाजी की। अकबरपुर अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष विपिन चंद्र दीक्षित ने कहा कि ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया वापस ली जाए। इसके लिए ज्ञापन दिया जा चुका है। इससे कम पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मांग नहीं माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल 27 जून कर अधिवक्ताओं की कलम बंद हड़ताल है। यहां पूर्व अध्यक्ष दिलीप कुमार यादव, अमित श्रीवास्तव, रुचि यादव, शैलेंद्र सविता आदि रहे।
वहीं, भोगनीपुर तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने निबंधन कार्य ई पंजीकरण व निजीकरण के विरोध में मंगलवार को भी धरना जारी रहा। अधिवक्ता रजिस्ट्रीकरण व न्यायिक कार्य से विरत रहे। जिससे निबंधन कार्यालय में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। वहीं तहसील पहुंचे वादकारियों व लोगों को खासी परेशानियों का सामना कराना पड़ा।