कानपुर देहात। दिवाली एवं दशहरा पर आतिशबाजी व पटाखे चलाने में जरा सी चूक से आग लगने की घटना की आशंका रहती है। इस तरह की कोई अनहोनी न हो इसके लिए अग्निशमन विभाग की ओर से सलाह जारी की गई है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि त्योहारी सीजन में लगने वाले पंडालों में अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए पटाखों की बिक्री तथा आतिशबाजी करते समय सावधानियां रखना जरूरी है। लक्ष्मी पूजन के स्थान से ज्वलनशील पदार्थ व पर्दा आदि दूर रखें। दिए -मोमबत्ती सुरक्षित स्थान पर सजाएं। बिजली की झालर आदि से बिजली के बोर्ड पर अतिरिक्त भार न दें तथा शॉर्ट-सर्किट होने से आग लगने की ओर विशेष रूप से सतर्क रहें। बाजार से लाए पटाखों को घर के वयस्क व्यक्ति के नियंत्रण में सुरक्षित स्थान पर रखें। झुग्गी, झोपड़ी, आरा मशीन, भूसे के ढेर की टोली द्वारा बारी-बारी से निगरानी की जाए ताकि कोई शरारती तत्व यहां आतिशबाजी या पटाखा न चला सके।
अग्नि दुर्घटना से बचाव के लिए दो बाल्टी पानी भरकर तैयार रखें। आग लगने पर आग-आग चिल्लाएं जिससे अधिक से अधिक लोग सहायता हेतु एकत्र हो सकें। कपड़ों में आग लगने पर पानी का प्रयोग करें। कंबल का प्रयोग किया जा सकता है। कपड़ों में आग लगने पर दौड़ें नहीं बल्कि जमीन पर लेटकर लुढ़कें। पटाखों की अस्थायी दुकान बनाते समय ज्वलनशील पदार्थ जैसे कपड़े, पॉलिथीन इत्यादि का प्रयोग न करें। अस्थायी आतिशबाजी का लाइसेंस लेकर ही चिह्नित स्थल पर दुकान लगाएं।
दो दुकानों के मध्य लगभग तीन मीटर की दूरी रखी जाए। आपातकालीन नंबर-112 लाल रंग से अंकित कर रखा जाए। पटाखों की दुकान के पास समुचित मात्रा में पानी, बालू अग्निशमन यंत्र सदैव उपलब्ध रखें। दुकान में हैलोजन लाइट, मोमबत्ती, माचिस, लाइटर का प्रयोग न करें। स्पार्क प्रूफ लाइट का प्रयोग करें। 145 डीबी सी (डेसीबल) से तेज आवाज वाले पटाखों का क्रय/विक्रय न करें।किसी भी आपात स्थिति में अग्निशमन केंद्र अकबरपुर माती का टेलीफोन नंबर- 9454418416, 9454418415 पर संपर्क करें।