राजपुर। होली में तीन दिन शेष बचे हैं। बाजार होली के रंगों में रंग गया है। अबीर, गुलाल के अलावा लाल-पीला हरा रंग बजार में बिकने लगे हैं। खुले पैकेट में बिकने वाले रंग में केमिकल की मिलावट करने वाले भी सक्रिय हैं। नकली और केमिकल से बना रंग इस समय ज्यादा बिक रहा है। ऐसे में केमिकल की मिलावट बच्चों के चेहरे व आंखों को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं।
खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले धंधेबाज होली में रंग-गुलाल में भी मिलावट कर मुनाफा कमाने की जुगत में हैं। अबीर में मिट्टी, लकड़ी का बुरादा और कई हानिकारक रसायन मिलाया जा रहा। इससे यह गुलाल त्वचा पर लगते ही जलन आदि की शिकायत आ सकती है। मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रसून सचान के अनुसार रंग और अबीर, गुलाल का प्रयोग करते वक्त सावधानी बरतना जरूरी है। इससे स्किन इन्फेक्शन हो सकता है।
हर्बल के नाम पर बाजारों में केमिकल मिला अबीर और गुलाब बिक रहा है। इसकी चमक देखते ही कोई भी इनकी ओर आकर्षित हो सकता है। मगर ये मिलावटी रंग-गुलाल चेहरे की रंगत को बिगाड़ देंगे। डॉक्टरों के अनुसार, आंखों और त्वचा के लिए यह मिलावटी रंग नुकसानदेय है। त्योहार की खुशी के बीच सेहत को लेकर अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है। खाद्य पदार्थों को जहरीला बनाने के बाद मिलावटखोरों ने रंग-गुलाल को भी नहीं छोड़ा है। होली को देखते हुए मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। मिलावटी रंग सीमावर्ती जनपदों से आता है।
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चेहरे को खराब कर देता है रासायनिक रंग-गुलाल
राजपुर पीएचसी के चिकित्सक आशीष मिश्रा ने बताया कि मिलावटी गुलाल लगाने से चेहरे को कई नुकसान हो सकते हैं। इसमें मौजूद रसायनिक पदार्थ त्वचा की जलन का कारण बन सकते हैं। कई बार इससे त्वचा पर फोफले पड़ जाते हैं। ज्यादा देर तक चेहरे पर रहने पर इससे खुजली और एलर्जी भी हो सकती है। डॉक्टर के मुताबिक प्रमाणित व हर्बल रंग ही खरीदें और खुले में बिक रहे सस्ते उत्पादों से बचें।