कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विवि (सीएसजेएमयू) के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ईसीई) विभाग नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर चुका है। विभाग वीएलएसआई, आईओटी और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में कॅरिअर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए बेहतर अवसर प्रदान कर रहा है।
विभाग में चार वर्षीय बीटेक, दो वर्षीय एमटेक, पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एमएससी (इलेक्ट्रॉनिक्स–वीएलएसआई एवं आईओटी सिस्टम) और तीन वर्षीय डिप्लोमा कोर्स संचालित हैं। बीटेक (ईसीई) की 90 सीटों पर प्रवेश जेईई मेन मेरिट के आधार पर होता है जिसकी वार्षिक फीस लगभग 90,200 रुपये है। वहीं इंटीग्रेटेड एमएससी में 30 सीटें हैं जिसकी फीस 30,200 रुपये वार्षिक है। एमटेक में भी 30 सीटों पर मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाता है।
यूआईईटी के ईसीई विभाग में डिजिटल सिग्नल प्रोसेसिंग, माइक्रोवेव एंड वायरलेस, ऑप्टिकल कम्युनिकेशन, वीएलएसआई डिजाइन और आईओटी जैसी आधुनिक प्रयोगशालाओं के माध्यम से छात्रों को प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एआईसीटीई आइडिया लैब और ड्रोन लैब नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा दे रही हैं।
संस्थान ने इंडस्ट्री और रिसर्च से जुड़ाव को मजबूत करने के लिए आईआईटी कानपुर, ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड और त्रिपाठी एयरोस्पेस के साथ समझौते किए हैं। साथ ही एचसीएल टेक्नोलॉजी और ग्लोबल फाउंड्रीज के विशेषज्ञ छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। यूआईईटी के निदेशक डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि विभाग का उद्देश्य उद्योग की जरूरतों के अनुसार छात्रों को तैयार करना है।
विभागाध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जेईई रैंक न रखने वाले छात्रों के लिए इंटीग्रेटेड एमएससी एक बेहतर विकल्प है। विभाग तकनीकी क्षेत्र में मजबूत कॅरिअर निर्माण के लिए उत्कृष्ट मंच प्रदान कर रहा है।