गैस उपभोक्ताओं के लिए आधार लिंक मुसीबत बन गया है। जानकारी के अभाव में
उपभोक्ता गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं। वहीं उपभोक्ताओं को फार्म के
लिए भटकना पड़ रहा है।
इधर, गैस एजेंसी में भी आधार संबंधी जागरूकता के
लिए कोई प्रबंध न किए जाने से उपभोक्ताओं की मुसीबत थमती नजर नहीं आ रही
है। आधी-अधूरी जानकारी से उन्हें सब्सिडी छूटने के खतरे का भय सता रहा है।
इस बावत उपभोक्ताओं से जब आधार लिंक की बात की गई तो उनकी परेशानी खुलकर
सामने आई।
इंडेन गैस के उपभोक्ता ऋषि पुरवार का कहना है कि उन्हें
सब्सिडी खाते में पहुंचने की खबर अखबार के माध्यम से मिली है। इसके लिए
क्या करना होगा। यह बताने वाला कोई नहीं है।
इसी क्रम में जयसिंह ने बताया
कि वह सब्सिडी लाभ के लिए गैस एजेंसी गए थे। वहां फार्म 1, 2, 3, 4 भरने को
कह रहे हैं।
फार्म मांगने पर बैंक अकाउंट और आधार की बात कहते हैं। उनके
पास आधार कार्ड नहीं है, क्या करें। चंद्रशेखर का कहना है कि वह बैंक में
आधार लिंक कराने गए थे। लेकिन बैंक वालों ने गैस एजेंसी से फार्म लाने की
बात कह उन्हें वापस भेज दिया।
जयचंद्र, रामरतन का कहना है कि उनके गांव में
कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनका न तो बैंक एकाउंट है न तो आधार कार्ड है। ऐसे
में सब्सिडी का लाभ पाने के लिए क्या करें। उन्हें जानकारी नहीं हो पा रही
है।