दो साल पहले तत्कालीन पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड के निर्देश पर एडिशनल डीसीपी से लेकर एसीपी तक को जांच सौंपी गई थी। अधिकतर अधिकारियों ने अब अपनी जांच रिपोर्ट साैंप दी है। वहीं कुछ मामलों में जिरह और आरोप पत्र दाखिल कर दिए गए हैं। अब उच्चाधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को बचाव के लिए अंतिम मौका देते हुए चार्जशीट भेजकर जवाब मांगा है।
खनन माफिया को बचाने के लिए एसओ और दरोगा ने जांच में किया खेल
खनन की शिकायत पर 18 अगस्त 2021 को भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय लखनऊ के निर्देश पर जिला खनन अधिकारी केबी सिंह कानपुर-सागर हाईवे पर टीम के साथ जांच पर गए थे। एक कार लगातार उनका पीछा कर रही थी। पता चला कि कार सवार खनन विभाग की टीम की लोकेशन हमीरपुर, कानपुर और लखनऊ तक के ट्रक चालकों और ट्रांसपोर्टरों को दे रहे थे। टीम ने जब इनको पकड़ा तो इनके पास से बरामद मोबाइल फोन में ट्रांसपोर्टरों और चालक के नंबर मिले थे।
मालखाने से गायब कर दिया था मोबाइल
वॉइस नोट के जरिये सूचना देने के सुबूत भी मिले थे। केबी सिंह ने कार सवार अमौली निवासी कुबेर सिंह, घाटमपुर के जवाहरनगर पूर्वी मोहल्ला निवासी राजकुमार के साथ ही व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े 55 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगा था कि जांच में जुटे विवेचक दरोगा सूर्यदेव चौधरी और तत्कालीन एसओ रावेंद्र मिश्रा ने माफिया को बचाने के लिए विवेचना में खेल करने के साथ ही मालखाना से मोबाइल ही गायब कर दिया था।
दोनों की बर्खास्तगी तय मानी जा रही है
इसके बाद शासन के आदेश पर एसओ रावेंद्र कुमार मिश्रा, दरोगा सूर्यदेव चौधरी और दो सिपाहियों अनमोल तिवारी व यतिन को निलंबित किया गया था। 25 नवंबर 2022 को उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई थी। अब जांच में भी ये लोग दोषी पाए गए हैं। बचाव के लिए अंतिम मौका दिया गया है। इन दोनों की बर्खास्तगी तय मानी जा रही है।
चेकिंग के नाम पर दो दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी लूटपाट में पाए गए दोषी
दरोगा भुवनेश्वरी को वर्ष 2023 में चेकिंग के नाम पर जालौन निवासी उपेंद्र सिंह जादौन समेत अन्य से मारपीट कर सोने की चेन, अंगूठी, 20 हजार रुपये व मोबाइल लूटने के आरोप में जेल भेजा गया था। उनके खिलाफ पनकी थाने में लूट, रंगदारी मांंगने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी है।
रोहित को 26 फरवरी 2023 को बर्खास्त किया जा चुका है
ऐसे ही सचेंडी थाने में तैनात दरोगा यतीश कुमार और डीसीपी पश्चिम की स्वॉट टीम में तैनात हेड कांस्टेबल अब्दुल राफे ने दरोगा रोहित सिंह के साथ मिलकर कानपुर देहात के सिकंदरा निवासी हार्डवेयर कारोबारी सत्यम शर्मा से दीपू चौहान ढाबे के पास 5.30 लाख रुपये लूट लिए थे। तत्कालीन पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठाई थी। ये दोनों पुलिसकर्मी भी दोषी पाए गए हैं। रोहित को 26 फरवरी 2023 को बर्खास्त किया जा चुका है। बाकी दोनों को भी बर्खास्त किया जा सकता है।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई न करने वाले इंस्पेक्टर विनय शर्मा दोषी
वर्ष 2023 में शिकायत के बाद भी कार्रवाई न करने पर काकादेव थाने में तैनात तत्कालीन इंस्पेक्टर विनय शर्मा विभागीय जांच में दोषी पाए गए हैं। आरोप था कि जानलेवा हमले और धमकी के मामले में उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए मामले में कार्रवाई करने के बजाए एनसीआर दर्ज की थी। इसके अलावा उनके खिलाफ गांजा तस्कर से सांठगांठ, उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना, कर्मचारियों से अभद्रता का भी आरोप लगा था। ये एसीपी अनवरगंज इंद्रप्रकाश सिंह की जांच में दोषी पाए गए हैं।
ये पुलिसकर्मी भी पाए गए दोषी
दरोगा पंकज कुमार मिश्रा, सौरभ सिंह, तेजवीर सिंह, हेड कांस्टेबल रवि कुमार, राकेश कुमार, कांस्टेबल विपिन कुमार, पवन कुमार, रिक्रूट अनुज यादव, चालक भजन लाल, राकेश कुमार शामिल हैं।
संबंधित अधिकारियों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है। पुलिसकर्मियों को अपना पक्ष रखने के लिए अंतिम मौका दिया गया है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। -विपिन मिश्रा, एडिशनल पुलिस कमिश्नर, क्राइम मुख्यालय