उन्नाव जिले में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज का फर्जी वीडियो बनाकर वायरल करने वाले युवक ने रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस के कोतवाली बुलाने पर रास्ते में ही जहर खा लिया। कोतवाली पहुंचने पर उल्टियां होने पर उसे जिला अस्पताल में ले गए, जहां से कानपुर हैलट रेफर कर दिया गया। पुलिस के अनुसार उसकी हालत में सुधार है।
सीओ यादवेंद्र यादव के अनुसार 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दौरान लोगों को घर वापस करने के लिए सदर कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्र पुलिस बल के साथ बड़ा चौराहे पर खड़े थे। इसी दौरान एक बाइक से निकल रहे दो लोगों को रोककर घर जाने की हिदायत दी गई।
उस समय तो बाइक सवार वहां से चले गए पर कुछ देर बाद उन्होंने दूसरे जिले के वीडियो के साथ सदर कोतवाल व उनके साथ लगे पुलिस बल की फोटो डालकर जनता पर लाठीचार्ज किए जाने का भ्रामक पोस्ट सोशल मीडिया पर डालकर पुलिस की छवि धूमिल की।
वायरल वीडियो के आधार पर सदर कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्र ने आरोपी हसनगंज थाना क्षेत्र के वरकाजी सरांय गांव निवासी रविशंकर पाल (25) पुत्र रामखेलावन व उसके सहयोगी धर्मेंद्र शुक्ला के खिलाफ मंगलवार को सदर कोतवाली में आईटी एक्ट, धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराकर दोनों को कोतवाली बुलाया।
रविशंकर पाल ने कोतवाली आने से पहले रास्ते में जहर खा लिया। सदर कोतवाली पहुंचने पर उसकी हालत बिगड़ गई। उल्टियां होने पर पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने रिपोर्ट दर्ज होने से आहत होकर जहर खाने की बात कही। जिसपर पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उसे हैलट कानपुर रेफर कर दिया गया। सीओ यादवेंद्र यादव ने बताया कि उसकी हालत सामान्य है। अस्पताल से शीघ्र ही उसे छुट्टी दे दी जाएगी।