महोबा में अपर जिला सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पाक्सो) संतोष कुमार यादव ने तीन साल पहले किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को 10 साल की सजा सुनाई। उस पर 13 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया है। 13 नंबवर 2017 को कस्बा कुलपहाड़ के एक मोहल्ला निवासी किशोरी को घर आते समय कुलपहाड़ के मोहल्ला हटवारा निवासी मुबारक अगवा करके बाहर ले गया था। जहां पर डेढ़ माह तक रखने के साथ किशोरी के साथ दुष्कर्म किया।
किशोरी के पिता ने मुबारक के खिलाफ कोतवाली कुलपहाड़ में तहरीर दी थी। पुलिस ने घटना के डेढ़ माह बाद किशोरी को बरामद किया। किशोरी द्वारा अपने साथ घटी घटना की जानकारी देने पर पीड़िता के पिता ने मुबारक के खिलाफ दुष्कर्म, अपरहरण और पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
विशेष न्यायाधीश पास्को ने शुक्रवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद मुबारक खां को दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा सुनाई और 13 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। इस मुकदमे की पैरवी करते हुए शासकीय अधिवक्ता केशव सिंह राजपूत और विशेष लोक अभियोजक प्रमोद पालीवाल ने बताया कि अदालत ने दुष्कर्म में 10 साल, 5 हजार का जुर्माना, पाक्सो एक्ट में 10 साल 5 हजार का जुर्माना और अपहरण में 5 साल व तीन हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। तीनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।