स्वरूपनगर स्थित द लाइन लायज रूफटॉप रेस्टोरेंट में बंधक बनाकर युवकों को मरणासन्न करने के मामले में पुलिस ने खेल कर दिया। हैलट में भर्ती घायलों का आरोप है कि आरोपी उन लोगों के बेहोश होने के बाद भी पीटते रहे। हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में दर्ज रिपोर्ट के बाद भी पुलिस ने संचालक व मैनेजर का शांतिभंग में चालान कर दोनों को थाने से छोड़ दिया जबकि, उन लोगों में किसी को 14 टांकें तो किसी की आंख में और कान के पर्दे में गंभीर चोटें आई हैं।
लोहारनभट्ठा निवासी आकाश पासवान बुधवार रात दोस्त शिवम कटियार का जन्मदिन मनाने दोस्त बृजमोहन कुशवाहा, कृष्णम द्विवेदी और विक्रांत यादव के साथ रेस्टोरेंट गए थे। खाना बासी लगा तो उन्होंने मैनेजर दीपांकर से शिकायत की। आरोप है कि इस पर वह भड़क गया और गालीगलौज करने लगा। विरोध करने पर संचालक पीटर और अपने 8-10 कर्मचारियों के साथ मिलकर बंधक बनाकर पीटते हुए हत्या का प्रयास किया। घटना में बृजमोहन कुशवाहा, विक्रांत यादव और कृष्णम द्विवेदी का सिर फट गया व लहूलुहान हो गए। कृष्णम के अनुसार उसके 14 टांके, हाथ टूट गया। आकाश का आरोप है कि पुलिस ने इसी कारण पहले दिन एससीएसटी एक्ट की धारा नहीं लगाई। थाने से ही हत्या के प्रयास के आरोपी संचालक व मैनेजर को छोड़ दिया गया। पीड़ितों के अनुसार सोमवार को वह लोग पुलिस कमिश्नर से मुलाकात करेंगे।
मारपीट का मामला था, हत्या के प्रयास की धारा नहीं लगी
स्वरूप नगर इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह के अनुसार कि रेस्टोरेंट में मारपीट का मामला था। हत्या के प्रयास की धारा नहीं लगी है। इस कारण रेस्टोरेंट के संचालक पीटर और मैनेजर दीपांकर पर शांतिभंग की कार्रवाई की गई जबकि स्वरूपनगर थाने में बीएनएस की धारा 191(2), 115(2), 127(2), 109, 352 लगी है। धारा 109 हत्या के प्रयास की धारा ही है।