बांदा जिले में रेलवे का सॉफ्टवेयर हैक कर फर्जी ई-टिकट जारी करने का धंधा थम नहीं पा रहा। आरक्षण प्रणाली को हैक करके बड़ी संख्या में ई-टिकट जारी कर दिए। रेलवे की क्राइम ब्रांच ने इसे दबोच लिया है।
रेलवे पुलिस के मुताबिक अवैध टिकटों के कारोबार के तार गुजरात से जुड़े हैं। आरपीएफ डिटेक्टिव विंग प्रभारी एसएन पाटीदार ने बताया कि सोमवार को नरैनी कस्बे में करतल रोड पर स्थित साइबर कैफे में छापा मारकर संदीप कुमार पुत्र शिवदयाल सोनी को गिरफ्तार किया गया।
उसके कैफे से 1,14,887 रुपये कीमत के 67 ई- टिकट बरामद हुए। आरपीएफ के मुताबिक गिरफ्तार युवक 37 लोगों की व्यक्तिगत आईडी का इस्तेमाल करके रेलवे के सॉफ्टवेयर पर आरक्षण टिकट जारी कर रहा था।
उसके विरुद्ध आरपीएफ (बांदा) थाने में रेलवे एक्ट की धारा 147 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मंगलवार को उसे रेलवे कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया। गौरतलब है कि बीते एक साल में रेलवे पुलिस ऐसे पांच मामलों का पर्दाफाश कर चुकी है।
उनके आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। इसके बाद भी यह अपराध नहीं रुक रहा। सूत्रों के मुताबिक, पकड़े गए हैकरों में ज्यादातर के तार गुजरात से जुड़े रहे हैं। उनका किसी न किसी वजह से गुजरात के लोगों के साथ नाता रहा है।
इसके पूर्व पकड़े गए हैकर
पिछले एक साल में रेलवे पुलिस ने प्रकाश चंद्र गुप्ता (बबेरू), मनोज सिंह पटेल (तिंदवारी), शिवम (नरैनी), राजेश कुमार (नरैनी), संजय गुप्ता (बांदा), संदीप कुमार (नरैनी) को प्रतिबंधित साफ्टवेयर का इस्तेमाल कर ई-टिकट बनाने में गिरफ्तार किया है।