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नेत्र परीक्षक हत्याकांड में पकड़ा गया आरोपी, पुलिस ने की पूछताछ जल्द हो सकता है मामले का खुलासा

Thu, 03 Oct 2019 11:02 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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यूपी पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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अलीगढ़ के थाना छर्रा के इंस्पेक्टर ने नेत्र परीक्षक हत्याकांड में पकड़े गए आरोपी से कई चक्रों में पूछताछ की। आरोपी ने बताया कि वह डकैती में शमिल नहीं था पर उसको साथी घटना करने के लिए बुला रहे थे। पूछताछ के बाद इंस्पेक्टर वापस चले गए। पकड़े गए आरोपी को पुलिस ने चालान कर जेल भेज दिया है। 
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कोतवाली कायमगंज के गांव यहियापुर निवासी नेत्र परीक्षक बिलाल खां की तीस अगस्त को उनके ही क्लीनिक में शाम को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नेत्र परीक्षक के पिता ने भतीजे समी अली और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ जमीन की रंजिश में पुत्र बिलाल की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था।
 

खुलासे में जुटे स्वाट टीम प्रभारी कुलदीप दीक्षित ने अलीगढ़ जिले के थाना अकराबाद गांव टुआमई निवासी रामऔतार को सटीक सूचना पर पकड़ लिया। उसने नेत्र परीक्षक की हत्या में शामिल होने की बात कबूल कर ली। उसने बताया कि बिलाल के चचेरे भाई समी अली ने पंद्रह लाख की सुपारी देकर हत्या करवाई थी।

घटना में छह लोग शामिल रहे थे। उसने बताया कि शूटर अंशुल यादव, राहुल यादव, देवेंद्र उर्फ देवा उसके गांव के ही रहने वाले हैं। नेत्र परीक्षक की हत्या करने के बाद इन लोगों ने जनपद अलीगढ़ थाना व कस्बा छर्रा के दो लोगों के साथ मिलकर 16 सितंबर को डकैती की घटना को अंजाम दिया था।

 
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इसमें गृहस्वामी सुरेंद्र कुमार गुप्ता की अंगोछा से गला घोंटकर हत्या कर दी और घर में रखा माल जेवर लूटकर फरार हो गए। रामऔतार के पकड़े जाने पर छर्रा थाने के इंस्पेक्टर अनिल कुमार फोर्स के साथ फतेहगढ़ स्थित पुलिस लाइन पहुंचे। वहां पकड़े गए रामऔतार से जानकारी ली।

इंस्पेक्टर अनिल कुमार को रमाऔतार ने बताया कि छर्रा में घटना के लिए वह लोग उसको बुला रहे थे और काफी माल होने की बात भी बताई थी। लेकिन वह इन लोगों के पास नहीं गया। स्वाट टीम प्रभारी कुलदीप दीक्षित ने बताया कि फरार चल रहे आरोपियों का काफी लंबा आपराधिक रिकार्ड है। कई जिलों में इनका आपराधिक रिकार्ड खंगाला जा रहा है।

हबूड़ा गैंग से जुड़े हैं आरोपियों के तार
नेत्र परीक्षक की हत्या में फरार चल रहे देवेंद्र यादव उर्फ देवा, राहुल यादव, अंशुल यादव के तार हबूड़ा गैंग से जुड़े हैं। गैंग अकराबाद थाना क्षेत्र के आसपास के इलाके में रहता है। गैंग के सदस्यों ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली समेत कई राज्यों में वारदात को अंजाम दिया था। इन लोगों ने कई गंभीर दुष्कर्म की घटनाएं भी अंजाम दी हैं।
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