कानपुर देहात। कानपुर नगर के ककवन क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति पर वहीं की रहने वाली एक महिला ने मानसिक बीमार पुत्री के साथ दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था। करीब एक साल चली सुनवाई के बाद एफटीसी प्रथम की अदालत ने आरोप साबित न होने पर आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
ककवन क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 9 अगस्त 2023 वह अपने खेतों पर गई थी, घर पर उसकी 20 वर्षीय मानसिक बीमार पुत्री अकेले थी। इसी दौरान गांव का रहने वाला हरिशंकर उसके घर में घुस आया और उसकी पुत्री के साथ जबरन दुष्कर्म कर भाग गया। पुलिस ने मामले में आरोपी हरिशंकर की गिरफ्तारी कर उसे जेल भेज दिया था। साथ ही विवेचना कर उसके खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में आरोपपत्र अदालत में पेश किए थे।
मामले की सुनवाई अपर जिला जज/एफटीसी प्रथम सुरेंद्र सिंह की अदालत में चल रही थी। बचाव पक्ष की अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अभियोजन साक्ष्य साबित न होने पर आरोपी को दोषमुक्त कर उसे जिला कारागार से रिहा करने के आदेश दिए हैं।