कानपुर। नरवल तहसील के ग्राम विपौसी में चल रही चकबंदी प्रक्रिया अब गंभीर विवादों में घिर गई है। किसानों ने चकबंदी कर्मचारियों पर खुलेआम अवैध वसूली, मनमानी और गरीब किसानों की जमीनें बदलने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को करीब एक सैकड़ा किसान एकजुट होकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से मिले और भ्रष्टाचार के खिलाफ ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
किसानों का आरोप है कि क्षेत्रीय लेखपाल रामसनेही तथा कानूनगो रूपराम और विजय चक निर्धारण और पैमाइश के नाम पर किसानों से अवैध धन उगाही कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिन किसानों ने रिश्वत देने से मना किया, उनके उपजाऊ और सड़क किनारे स्थित चकों को बिना सहमति और बिना सूचना के बदल दिया गया। गांव में किसानों की आपत्तियों को नजरअंदाज किया जा रहा है और दबाव बनाकर फैसले थोपे जा रहे हैं। इससे गांव में भारी आक्रोश है। किसानों ने ज्ञापन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने यह भी मांग की कि ग्राम विपौसी में हुए चक आवंटन की दोबारा जांचकर वास्तविक और पुराने चकों को बहाल किया जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने किसानों को आश्वासन दिया कि जिला चकबंदी अधिकारी गांव में चौपाल लगाकर किसानों की समस्याएं सुनेंगे और निष्पक्ष निस्तारण कराया जाएगा। संवाद