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Kanpur News: बिजली का 70 लाख से ज्यादा का बिल देख महिला बेहोश

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कानपुर। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की दिक्कतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। हालांकि, स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने पर रोक लग गई है लेकिन उपभोक्ताओं के सामने पूर्व में लगे मीटरों का लंबा-चौड़ा बिल परेशानी का सबब बना हुआ है। करीब एक लाख 48 हजार में से करीब दस प्रतिशत तक उपभोक्ता बिल संसोधित कराने के लिए भटक रहे हैं। साकेतनगर में 70 लाख से अधिक का बिल देखकर महिला बेहोश हो गई। 12 दिन भटकने के बाद बिल संसोधित हो पाया।
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साकेतनगर, गुलमोहर विहार निवासी शुभम गुप्ता ने बताया कि घर के पास ही चार्जिंग स्टेशन खोल रखा है। इसमें पत्नी प्रतीक्षा के नाम से 24 किलोवाट का व्यावसायिक मीटर ले रखा है। पहले पुरानी विधा का मीटर था लेकिन चार अप्रैल को मीटर जल गया। सबस्टेशन जाकर शिकायत की तो तीन दिन बाद सात अप्रैल को कर्मचारी आए और पुरानी विधा की जगह नया स्मार्ट मीटर लगा गए। इसके बाद एक मई को बिल जनरेट हुआ तो उसे देख कर सिर चकरा गया। इसमें 70,14,726 रुपये का बिल आया था। बिल देख पत्नी बेहोश हो गई। इसकी शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। नौबस्ता हेल्पडेस्क पर भी गए तो रीडिंग पूछी गई जो 3,592 थी। आठ रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से यह बिल करीब 25 से 30 हजार तक बनना चाहिए था। जब स्मार्ट मीटर नहीं लगा था तो 40 से 45 हजार बिल आता था। अधिकतम बिल 69 हजार तक ही आया। अभी तक बिल ठीक नहीं किया गया है। कोई अधिकारी यह भी नहीं बता पा रहा कि आखिर बि ल इतना बढ़कर कैसे आ गया।

तुरंत बढ़ जाता है कनेक्शन का लोड
केस्को के एक कर्मचारी ने बताया कि सभी स्मार्ट मीटर में बिलिंग की दिक्कत नहीं है। नए लगे मीटरों में से करीब दस प्रतिशत में यह परेशानी आ रही है। एक कारण यह भी है कि अगर किसी उपभोक्ता के भवन में दो किलोवाट का कनेक्शन है और किसी महीने में एक दिन वह एक-दो प्वाइंट अधिक बिजली उपयोग कर लेता है तो पूरे माह का बिल तीन किलोवाट के हिसाब से आता और उसमें पेनाल्टी भी देनी पड़ती है।
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चेक मीटर है विकल्प
केस्को अधिकारियों का कहना है कि जिन्हें बिल अधिक आने की शिकायत है, वह उपभोक्ता अपने परिसर में चेक मीटर लगवा सकते हैं, जिससे स्मार्ट और सामान्य मीटर की यूनिट खपत की तुलना कर यह आकलन किया जाता है कि कहीं स्मार्ट मीटर ज्यादा रीडिंग तो नहीं दिखा रहा। इसके लिए उपभोक्ता को सिंगल फेज और थ्री फेज के चेक मीटर के शुल्क जमा करने होंगे। सिंगल फेज कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को चेक मीटर लगवाने के लिए 234 रुपये तो थ्री फेज पर 550 रुपये शुल्क देना होगा। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ता के आवास पर नॉन स्मार्ट चेक मीटर तो नॉन स्मार्ट के उपभोक्ता के यहां स्मार्ट चेक मीटर लगाकर चेक किया जाता हे।
बातचीत

शिकायत पर नहीं मिलता उचित जवाब
स्मार्ट मीटर लगने के बाद बहुत बिल आ रहा है। इतनी कमाई नहीं कि ज्यादा बिल दे सके। शिकायत करो तो कोई उचित जवाब नहीं दिया जाता है। बिल ठीक कराने के लिए भटक रहे हैं। - सविता सिंह, नानकारी


चार की जगह नौ हजार हुआ बिल

पुराने मीटर में महीने का बिल करीब चार हजार आता था। जब से नया स्मार्ट मीटर लगा है, प्रतिमाह नौ हजार के हिसाब से बिल आ रहा है। पिछले माह पूरा भुगतान के बाद भी 15 दिन बाद लाइट चालू की गई। -योगेंद्र शर्मा, पार्षद, वार्ड- 65, संजय गांधीनगर

वर्जन

उपभोक्ता की शिकायत के बाद बिल को संसोधित कर 1,36,272 किया गया है। केस्को लगातार गलत बिलों का संज्ञान लेकर संसोधन कर रहा है। यदि किसी उपभोक्ता का बिल गलत है या नहीं आ रहा है तो वे हेल्पडेस्क या 1912 पर शिकायत कर बिल संसोधित करा सकते हैं। -देवेंद्र कुमार वर्मा, मीडिया प्रभारी केस्को
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