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चचेरे भाइयों का अंतिम संस्कार, नहीं जले चूल्हे

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मृतक आदित्य का फाइल फोटो। - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात/राजपुर। पिचौरा यमुना घाट पर बुधवार की सुबह दोनों चचेरे भाइयों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया। अनहोनी को लेकर पूरे गांव में सन्नाटा रहा। मोहल्ले में चूल्हे नहीं जले। परिजनों के रोने की आवाज मोहल्ले का सन्नाटा तोड़ती रही।
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मंगलवार की शाम पिचौरा गांव के सगे भाई राजनारायण यादव का बेटा रामगोविंद (10) व सत्यनारायण यादव का बेटा आदित्य (11) नहाते समय यमुना नदी में डूब गए थे। देररात खोजबीन के बाद दोनों चचेरे भाइयों के शव मछली पकड़ने वाले जाल में फंसे मिले। दोनों के शव गांव पहुंचने पर कोहराम मच गया था। बुधवार सुबह गम और आंसुओं के बीच दोनों चचेरे भाइयों के शव यमुना में प्रवाह किए गए। राजपुर के कार्यवाहक थानाध्यक्ष जीतमल ने बताया कि परिजनों ने कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया। पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। राजस्व निरीक्षक नरेंद्र कुलश्रेष्ठ ने गांव में घटना की जानकारी की। एसडीएम सिकंदरा रमेशचंद्र यादव ने बताया कि इस तरह की घटना में आर्थिक मदद का प्रावधान नहीं है।
बता दें कि पिचौरा गांव के किनारे मां दुर्गा का मंदिर है। यहां सोनेलाल तिवारी पुजारी हैं। मंगलवार शाम तक दोनों चचेरे भाई घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। मंदिर पहुंचने पर पुजारी ने परिजनों को बताया कि फाग टोली के साथ दोनों बच्चे शाम चार बजे मंदिर आए थे। यहां से प्रसाद लेकर दोनों बच्चों को नदी की तरफ जाते देखा था। इसके बाद परिजन यमुना घाट पहुंचे। घाट किनारे दोनों के कपड़े मिले। देर रात में मछली के जाल में फंसे दोनों शव निकाले गए।
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गांव में पसरा सन्नाटा, बिलखते रहे परिजन
पिचौरा गांव में सगे भाइयों के एक-एक बेटे की अनहोनी में मौत पर बुधवार को दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। मृतक आदित्य के पिता सत्यनारायण यादव, मां शशि देवी, बड़ी बहन कौशल्या, भाई ब्रजभान व रीशू बिलखते रहे। मृतक रामगोविंद की मां भारती देवी रो-रो कर बेसुध हो गई। उसे परिवार की महिलाओं ने किसी तरह से संभाला। पिता राजनारायण बेटे की बातें बताकर रोने लगते तो छोटा भाई समरजीत रोता रहा।
पढ़ने में होनहार थे दोनों
राजपुर। चचेरे भाइयों की डूबने से मौत की सूचना पाकर बुधवार को कई गांवों के लोग पहुंचे। दुखी परिजनों को सांत्वना दी। प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक अमित कुमार गांव पहुंचे। प्रधानाध्यापक ने बताया कि चचेरे भाई आदित्य व रामगोविंद कक्षा पांच में पढ़ते थे। दोनों बच्चे पढ़ने में होशियार थे। कक्षा में हमेशा दोनों अव्वल रहते थे।

मृतक रामगोविंद का फाइल फोटो।- फोटो : AKBARPUR

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