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प्राइवेट बस से भिड़ा ऑटो, रिटायर्ड कैप्टन समेत तीन की मौत

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कानपुर देहात के माती रोड पर हुई दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर क्षतिग्रस्त ऑटो। संवाद - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। अकबरपुर कस्बे के माती रोड पर गुरुवार सुबह तेज रफ्तार ऑटो प्राइवेट बस से भिड़ गया। दुर्घटना में ऑटो सवार रूरा के जगनपुर निवासी सेना से रिटायर्ड कैप्टन, मंगलपुर के खम्हैला के किसान की मौके पर मौत हो गई। जबकि बीएसए कार्यालय, अकबरपुर में तैनात कानपुर की रहने वाली सामुदायिक सहभागिता की जिला समन्वयक की हैलट में मौत हुई। रिटायर्ड कैप्टन के पिता भी घायल हुए। दो अन्य घायलों की हालत नाजुक होने पर कानपुर हैलट रेफर कर दिया गया। घटनास्थल पर जाम लग गया। आधा घंटे माती रोड पर यातायात प्रभावित रहा।
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घटना गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, माती की ओर से आए तेज रफ्तार ऑटो अचानक दूसरी ओर से आ रही प्राइवेट बस के सामने आ गया। बस की टक्कर लगने से ऑटो क्षतिग्रस्त हो गया। सवारियां सड़क पर गिर गई। इतनी भीषण टक्कर थी कि रूरा के जगनपुर गांव के सेना से रिटायर्ड कैप्टन गिरीश कुमार दुबे (55) व मंगलपुर के खम्हैला के किसान जितेंद्र कुमार (30) की मौत हो गई। रिटायर्ड कैप्टन के पिता प्रभू आसरे (82), बीएसए कार्यालय अकबरपुर में तैनात सामुदायिक सहभागिता की जिला समन्वयक, कानपुर के 105/703, आनंदबाग कालपी रोड की रहने वाली पूर्णिमा आर्या (57), आलमचंद्रपुर अकबरपुर के राहुल पाल (29) व अयोध्यानगर अकबरपुर के रामकिशन उर्फ बबलू (45) गंभीर रूप से घायल हो गए। जिला अस्पताल से पूर्णिमा आर्या, राहुल पाल व रामकिशन उर्फ बबलू को कानपुर हैलट रेफर कर दिया गया। हैलट में पूर्णिमा आर्या की मौत हो गई। कोतवाल तुलसीराम पांडेय ने बताया मृतकों व घायलों के परिजनों को सूचना दी गई है। मृतक रिटायर्ड कैप्टन की पत्नी व बच्चे बर्रा-2 कानपुर में रहते हैं। शव पोस्टमार्टम हाउस भेजे जा रहे हैं। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिला अस्पताल में परिजनों के रोने बिलखने से वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। पुलिस कर्मियों ने एक-एक कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम हाउस भेजा।
बिना बताए चले गए पापा अब हम क्या करेंगे
कानपुर देहात। रूरा के जगनपुर के रहने वाले सेना से रिटायर्ड कैप्टन गिरीश कुमार दुबे गुरुवार को कानपुर से पिता प्रभू आसरे के साथ बस से माती आए थे। यहां से ऑटो में अकबरपुर जाते समय हादसा हो गया। घायल प्रभू आसरे इमरजेंसी वार्ड में बेटे के बारे में पूछते रहे। उन्हें परिजनों ने गिरीश की मौत की जानकारी नहीं दी। कानपुर से जिला अस्पताल पहुंची मृतक रिटायर कैप्टन की पत्नी अनीता, बेटा गौरव, बेटी शिखा, सौम्या व मनीषा का रो रोकर बुरा हाल हो गया। बेटा गौरव रोते हुए बोला कि पापा बिना बताए चले गए। अब हम क्या करेंगे। मृतक के भाई मनोज ने बताया कि गिरीश आर्मी की 8 गार्डस की नागपुर काम्प्टी में तैनात थे। दिसंबर 2013 में कैप्टन पद से रिटायर हुए थे। मृतक जितेंद्र की छोटी बहन पूजा ने बताया कि बड़ी बहन आरती की शादी गिरसी में हुई है। छोटा भाई आरती के घर गया था। वह अविवाहित था, और खेतीबाड़ी करता है। वहां से लौटते समय अनहोनी हो गई। मां सूरजमुखी बेटे की मौत पर रोती बिलखती रही।
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कुछ देर पहले बोलीं थीं, पहुंच रहीं हूं
कानपुर देहात। बीएसए कार्यालय अकबरपुर में तैनात सामुदायिक सहभागिता की जिला समन्वयक पूर्णिमा आर्या पत्नी जयप्रकाश आर्या ने कुछ देर पहले ही माती में होने की जानकारी कार्यालय कर्मियों को दी थी। कार्यालय कर्मी शिवा ने बताया कि मैडम ने कहा था कि कुछ देर में पहुंच रहीं हूं। काफी देर तक वह नहीं आई तो फोन किया। लगातार फोन की रिंग बजती रही। बाद में जिला अस्पताल में मौजूद पुलिस कर्मी ने बताया कि हादसे के बाद पूर्णिमा को रेफर कर दिया गया। बीएसए कार्यालय के कर्मी हतप्रभ रहे गए। बाद में उनकी मौत की खबर से सभी शोकाकुल हो गए।
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