हिंदू महासभा के पदाधिकारी कमलेश तिवारी की विवादित टिप्पणी के विरोध में रविवार को शहर में जगह-जगह जुलूस निकालकर नारेबाजी की गई। रेल बाजार से निकले नेतृत्व विहीन एक जुलूस में कुछ अराजक तत्व शामिल हो गए।
उन लोगों ने टाटमिल चौराहा और फिर फूलबाग चौराहे पर जाम लगाकर, नारेबाजी के साथ हंगामा किया। इस वजह से जुलूस हंगामे में बदल गया। फूलबाग में सड़क जाम करने पर चौराहे पर जाम लग गया। हालात काबू में न होते देख प्रशासन और पुलिस के हाथ-पांव फूल गए।
मतगणना में व्यस्त अधिकारी और फोर्स भागकर शहर जुलूस के पास पहुंच गई। एडीएम सिटी ने उग्र भीड़ को समझाने की कोशिश की। बाद में डीएम, एसएसपी समेत शहरकाजी मौके पर पहुंचे। किसी तरह भीड़ को संयमित किया जा सका। प्रशासन ने इस मामले की वीडियोग्राफी कराई है।
भीड़ का कोई नेतृत्व नहीं कर रहा था। इस बहकी हुई भीड़ में ज्यादातर युवाओं के साथ बच्चे भी शामिल थे। जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने बताया कि हंगामा करने वाले 1000 से अधिक अज्ञात लोगों पर विभिन्न थानों में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पैगंबर-ए-इस्लाम पर आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में रेल बाजार के आसपास इलाकों के कुछ युवाओं ने काली पट्टी बांधकर सुबह विरोध जताने को लेकर जुलूस निकाला।
जुलूस रेल बाजार से जीटी रोड आया और वहां पर टाटमिल चौराहे पर पहुंचा। जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने अराजकता फैलाने के लिए चौराहे पर जाम लगा दिया और नारेबाजी करने लगे। इसके बाद जुलूस घंटाघर चौराहे पर पहुंचा। सैकड़ों की संख्या में जुलूस में शामिल लोग एक्सप्रेस रोड, माल रोड होते हुए फूलबाग पहुंच गए और सड़क जाम कर दी। मौके पर एडीएम सिटी समेत परेड से पीएसी और पुलिस फूलबाग पहुंची।
जाम खुलवाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। फिर शहरकाजी मौलाना आलम रजा नूरी, जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा और एसएसपी शलभ माथुर ने भीड़ को समझाया। शहरकाजी ने कहा कि कानून को अपना काम करने दें। आरोपी के खिलाफ रासुका की कार्रवाई हुई है। इसके बाद बेकाबू भीड़ को समझाकर वापस किया गया।