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Abbas-Nikhat Case: अब्बास अंसारी को भेजा जाएगा कासगंज जेल, पत्नी निखत हुई निराश..कर रही बार-बार मिलने की जिद

Tue, 14 Feb 2023 08:10 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट

सार

चित्रकूट जिला जेल में बंद विधायक अब्बास अंसारी की जेल बदलने का सरकारी आदेश चुका है। उसे कासगंज जेल में भेजने की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, विधायक की पत्नी निखत बानो फिलहाल अभी इसी जेल में रहेंगी।
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विधायक अब्बास अंसारी और पत्नी निखत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विधायक अब्बास अंसारी को चित्रकूट जिले के रगौली जेल से अब कासगंज जेल ले जाने के आदेश हुए हैं। अब्बास को ले जाने के लिए जिला प्रशासन तैयारी में जुट गया है। जेल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अब्बास की पत्नी निखत बानो 16 फरवरी तक चित्रकूट जिले में ही रहेंगी।

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अब्बास अंसारी से बिना अनुमति के मिलने के आरोप में उसकी पत्नी निखत जेल में ही बंद है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए शासन के निर्देश पर विधायक अब्बास को कासगंज जेल भेजने के आदेश दिए गए हैं। जिसकी तैयारी अधिकारियों ने शुरू कर दी है।
वज्र वाहन से भारी सुरक्षा इंतजाम के बीच ले जाने की तैयारी की जा रही है। जेल सहित प्रमुख सड़कों पर सुरक्षा प्रबंध चुस्त-दुरुस्त किए गए हैं। विधायक की पत्नी निखत 16 फरवरी तक चित्रकूट जेल में ही रहेंगी। जेलर राजीव सिंह ने बताया कि शासन की तरफ से अब्बास को कासगंज भेजने के आदेश मिले हैं।

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निराश हुई पत्नी
विधायक अब्बास अंसारी के कासगंज ले जाने के आदेश होते ही उनकी पत्नी निराश हो गई हैं। सूत्र बताते हैं कि वह बार-बार मिलने की जिद कर रही हैं। जबकि निखत को विशेष सुरक्षा व्यवस्था में जेल में रखा गया है। ताकि वह किसी से मिल न सके।

पिता बांदा, बेटा कासगंज, बहू चित्रकूट जेल में
माफिया मुख्तार अंसारी लंबे समय से बांदा जेल में बंद है, जबकि उनके पुत्र विधायक अब्बास अंसारी को चित्रकूट जेल में मनी लांड्रिंग के मामले में बंद किया गया था। उन्हें अब कासगंज जेल में रखा जाएगा, जबकि बहू चित्रकूट जेल में रहेंगी।

एमपी क्षेत्र से चलाई जाती है गतिविधियां
चित्रकूट जिले की रगौली जेल से लगभग 15 किमी. दूर मप्र सीमा पड़ती है। बताया जाता है कि जब कभी इस जेल में बड़े अपराधी व माफिया बंद होते हैं, तो उनके गुर्गे मध्य प्रदेश क्षेत्र में शरण लेकर गतिविधियां चलाते रहते हैं।
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सूत्र बताते हैं कि जब विधायक अब्बास को जेल में रखा गया, तो कुछ ही दिनो बाद उसके परिजन व गुर्गे एमपी क्षेत्र के लाजो व होटलों में रहने लगे। यहीं से अपनी गतिविधियां चलाने लगे। जुगाड़ कर जिला मुख्यालय में एक किराए का मकान लिया। जहां से अपनी सारी गतिविधियां चलाना शुरू किया था।
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