तलाशी के दौरान निकहत बानो के पास से मोबाइल फोन, विदेशी मुद्रा समेत अन्य सामान मिलने की बात भी सामने आई थी। इसके बाद मामले में निकहत बानो, उनके चालक नियाज अंसारी, तत्कालीन जेल अधीक्षक अशोक सागर, डिप्टी जेलर और जेल के अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई थी। बाद में प्रकरण में गैंगस्टर एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं। मामला सामने आने के बाद अब्बास अंसारी को चित्रकूट जेल से कासगंज जेल स्थानांतरित कर दिया गया था।
इस प्रकरण से जुड़े मामलों की सुनवाई बांदा स्थित भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में चल रही है। बृहस्पतिवार को हुई पेशी के दौरान सुनवाई के बाद दोनों न्यायालय से बाहर निकले, लेकिन मीडिया के सवालों से दूरी बनाए रखी और बिना किसी प्रतिक्रिया के रवाना हो गए।
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