मंगलवार को जांच टीम ने डिप्टी जेलर चंद्रकला को गिरफ्तार कर लखनऊ जेल भेजा है। यह प्रथम सूचना रिपोर्ट में नाम दर्ज नहीं था, जो जांच में प्रकाश में आया था। नामजद जेल अधिकारियों में पहली पूछताछ जेल अधीक्षक अशोक कुमार सागर व जेलर संतोष से की जा रही है।
दोनों से मिली जानकारी का हो रहा है मिलान
गुरुवार को जांच टीम ने दोनों को अपनी हिरासत में लेकर देर शाम तक कई घंटे तक लगातार सवालों की बौछार की। दोनों से जो जानकारी मिली है, उसे जांच टीम पहले के लोगों से पूछे गए सवाल व जवाब से मिलान करा रही है। सूत्रों के अनुसार कड़ी से कड़ी जोड़ने की प्रक्रिया में काफी कुछ साफ हो गया है।
सीसीटीवी फुटेज दिखाए, ऑडियो-वीडियो काल सुनाए
इसमें पता चला है कि नियमों के विपरीत जेल में मिलाई तो कराई है, लेकिन अभी मंहगे गिफ्ट किसने क्यों लिए यह बताना बाकी है। जानकारी के अनुसार, दोनों अधिकारियों से अलग-अलग स्थानों पर बैठाकर सवाल किए गए। कई सीसीटीवी फुटेज व ऑडियो वीडियो काल सुनाए गए।
जल्द होगी अन्य अधिकारियों से पूछताछ
सके बाद देर शाम को दोनों को आमने सामने बैठाकर उनके सवालों का मिलान किया गया। इसमें जेल विभाग के ही कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं, जिन्होंने जेल अधीक्षक व जेलर को प्रभाव में लाने का काम किया है। अब जल्द ही बाकी अधिकारियों व वार्डर से पूछताछ होगी, तो सब सामने आ जाएगा।
एसपी बोलीं- पूछताछ का क्रम जारी है
वहीं, मामले में एसपी वृंदा शुक्ला ने बताया कि जेल अधीक्षक व जेलर को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इनसे सभी जानकारी लेकर कड़ी से कड़ी मिलाई जाएगी। इनसे पूछताछ क्रमवार की जा रही है। जल्द ही इसकी जानकारी दी जाएगी।
दोनों को भेजा जा सकता है जेल
इस मामले में पहले पकड़े गए लोगों के बयान का मिलान कराया जाएगा। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर जरूरत के हिसाब से जेल भी भेजा जा सकता है। पूछताछ में इनसे जेल में मिलाई के बदले रुपये, महंगे गिफ्ट लेने, मध्यस्थों के नाम और सहयोगियों की भूमिका के सवाल किए जा रहे हैं।