यहां तक कहा कि वह जेल के अंदर के कमरे में नहीं रहता था, लेकिन बाद में जो बातचीत होती थी उसमें जेल से भगाने जैसी साजिश की जानकारी नहीं है। बताया गया कि नियाज ने यह स्वीकार किया है कि बरामद विदेशी मुद्रा व मोबाइल पर कुछ सउदी अरब जैसे देशों के नंबर पर बातचीत होती है।
इसके लिए व्हाटसअप, इंस्टाग्राम, सिगनल जैसे एप का प्रयोग किया जाता रहा है। इनकी रिकार्डिंग जल्द नहीं मिलती है। गौरतलब है कि जांच टीम ने दोनों के मोबाइल में पाया है कि ऐसे लगभग चार सौ बार इन एप का प्रयोग कर बातचीत हुई है। इसके लिए संबधित ऐप कंपनी से नंबरों को देकर डाटा मांगा गया है।
17 हजार में मकान व एक हजार में कार
18 दिसंबर से निखत बानो व उसका परिवार आ गया था। इसके बाद से सपा नेता की मध्यस्थता से उन्होंने कपसेठी स्थित प्रहलाद साहू का मकान किराये पर लिया था। इसके लिए 17 हजार रुपये महीना तय हुआ था। दो माह का पैसा मकान मालिक को मिल गया था। इसके अलावा निखत व उसके परिजन एक कार को किराये पर लिया था। यह कार सपा नेता की थी। इस कार को एक हजार रुपये प्रतिदिन की बचत में सपा नेता ने दी थी।
कार हुई बरामद
एसआईटी टीम ने कोतवाली पुलिस की मदद से जेल आने जाने में प्रयोग करने वाली निखत की कार को बरामद कर लिया है। यह कार पुलिस ने फराज के घर के पास से बरामद की है। इसी कार से भी निखत जेल आती जाती थी। एसपी वृंदा शुक्ला ने बताया कि पुलिस ने इस कार को सीज कर जांच में शामिल किया है।
उसके खिलाफ हो रही साजिश
बुधवार को पुलिस सुरक्षा में लखनऊ रवानगी के पूर्व सपा नेता फराज ने खुद को बेगुनाह बताया। कई बार कहा कि किसी को मकान दिलाना गलत नहीं है। कार भी उसने बचत पर ही दी थी। उसे इस परिवार के इतिहास के बारे में नहीं पता था। उसे सपा नेता व मुस्लिम होने के नाते जानबूझकर फंसाया जा रहा है। रुपये के लेनदेन, खाना पीना, साथ में आना जाना व ऑनलाइन टांजक्शन के सवालों पर कोई जवाब नहीं दिया।
एसआईटी ने बनाई मददगारों की सूची
एसआईटी ने निखत व नियाज की जेल तक मदद करने वाले कई अन्य की सूची बनाई है। इसमें जेल कैंटीन तक आने जाने वाले कुछ लोग शामिल हैं। इसमें दो युवकों को पकड़कर पुलिस पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि जेल कैंटीन से विधायक अब्बास अंसारी व निखत बानो की जेल में मनमानी करने की सेटिंग कराई गई थी।
जेल अधिकारियों से जारी रहेगी पूछताछ
जेल के आठ अधिकारी कर्मचारियों का निलंबन हुआ है। इनसे पूछताछ करने के लिए एसआईटी की टीम लगातार संपर्क कर रही है। बताया गया कि बुधवार को जेल वार्डर जगमोहन से एसआईटी टीम के एक अधिकारी ने दो घंटे तक पूछताछ की है।