रनियां। क्रोमियम के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रनियां के चार वार्डों को जोड़कर जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। दो वार्डों में जांच होने के बाद बुधवार को तीसरे वार्ड एक आंबेडकर नगर में डॉक्टरों की टीम ने 30 लोगों की खून व युरिन के नमूने एकत्र किए। रनियां के खानचंद्रपुर में क्रोमियम कचरा डंप होने से भूगर्भ जल दूषित हो गया है। यह समस्या खानचंद्रपुर से बढ़कर उमरन तक फैल गई है। इसके चलते राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। एनजीटी के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के स्वास्थ्य की जांच के दायरे को बढ़ा दिया है। रनियां के चार नए वार्डों में रैंडम जांच के लिए शुरू हुए अभियान के तीसरे दिन बुधवार को 16 सदस्यीय टीम आंबेडकर नगर पहुंची।
पीएचसी अधीक्षक डॉ. विशाल भसीन ने बताया कि प्रत्येक वार्ड से 30 लोगों के ब्लड व यूरिन के नमूने लिए जाने हैं। सोमवार को केशव नगर से सैंपल लिए गए थे, जबकि मंगलवार को बजरंग नगर में 19 से 50 वर्ष आयु वर्ग के 30 लोगों (21 महिलाएं, 9 पुरुष) के नमूने लिए गए थे। तीसरे दिन आंबेडकर नगर में अभियान चलाकर 30 लोगों की खून और पेशाब की नमूना लिया गया। जिसमें (22 महिलाएं, 8 पुरुष ) के नमूने लिए गए। गुरुवार को वार्ड 14 के श्यामसुंदर नगर में घर घर जाकर अभियान चलाया जाएगा।
25 जनवरी तक कुल 120 लोगों के सैंपल जांच के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट लखनऊ भेजे जाएंगे। आंबेडकर नगर निवासी सुमन ने बताया कि वार्ड एक के लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए भी परेशान हैं। सड़क में गंदगी फैली है। निकलने में परेशानी होती है। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। लाली सिंह का कहना है कि नालियों के चोक है। घरों का पानी सड़क में भरता है। इससे आवागमन में परेशानी है।