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ये डॉक्टर है ‘अंतर्यामी’: अस्पताल पहुंचा था गंभीर मरीज, बिना देखे ही लिखे इंजेक्शन, पढ़ें पूरा मामला

Wed, 29 Mar 2023 07:21 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा

सार

Banda News: मरीज को देखे बिना ही बाहर के इंजेक्शन लिखने का मामला जिला अस्पताल की लापरवाही को दर्शाने के लिए काफी है। दरअसल, अस्पताल में कमीशन खोरी के चलते इलाज कराने आ रहे मरीजों को बाहर की दवा लिखकर आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
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बांदा जिला अस्पताल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बांदा जिले के तुलसीनगर निवासी शिवम पांडे (25) ने मंगलवार की देर शाम इलेक्ट्राल के धोखे में डाई पी ली। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। आनन फानन में उसका चचेरा भाई रिषभ उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। इसके बाद मरीज को ट्रामा सेंटर ले जाया गया।

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वहां ड्यूटी में तैनात संविदा डॉक्टर ने मरीज को देखे बिना उसको बाहर के 500 रुपये कीमत के इंजेक्शन लिख दिए। इससे वह परेशान हो गया। वह करीब दो घंटे तक ट्रामा सेंटर में बैठा रहा, लेकिन डॉक्टर ने सुध नहीं ली। किसी तरह इंजेक्शन खरीदकर लाया, तब मरीज का इलाज शुरू किया गया।
रिषभ की शिकायत पर सीएमएस डॉ. एसएन मिश्र ने बताया कि संविदा डॉक्टर को चेतावनी दी गई है। जिला अस्पताल के सभी डॉक्टरों से बाहर की दवा लिखने को मना किया गया है। संविदा डॉक्टर ने बाहर की दवा लिखकर शासन की छवि धूमिल करने का प्रयास किया है। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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लोगों का हो रहा है खुलेआम आर्थिक शोषण
बता दें कि हमेशा ही विवादों में रहने वाले बांदा जिला अस्पताल में सीएम योगी के निर्देशों की खुलकर अनदेखी की जा रही है। निशुल्क इलाज की उम्मीद लगाए ग्रामीण अंचलों और दूरदराज इलाकों से आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ खुलेआम आर्थिक शोषण हो रहा है।
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