कानपुर। हनुमंत विहार में 45 वर्षीय संविदा सफाईकर्मी की मौत के बाद परिजन मंगलवार को शव लेकर कलक्ट्रेट पहुंच गए। गेट के बाहर शव रखकर परिजनों ने धरना दिया और ठंड से मौत का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि केडीए की ओर से मकान गिराए जाने के बाद परिवार तिरपाल के नीचे रहने को मजबूर था।
उस्मानपुर केशवनगर डब्ल्यू-ब्लाॅक निवासी रामपाल केडीए में संविदा पर सफाई कर्मी थे। परिजनों के अनुसार, 16 दिसंबर को केडीए दस्ते ने अतिक्रमण हटाने के दौरान उनका मकान गिरा दिया था। उस दौरान आवास दिलाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन अब तक कोई व्यवस्था नहीं हुई। कड़ाके की ठंड में परिवार तिरपाल के नीचे रह रहा था। मंगलवार सुबह रामपाल तिरपाल के नीचे मृत मिले। इसके बाद परिजन शव लेकर भैरवघाट जाने के बजाय कलक्ट्रेट पहुंच गए। कलक्ट्रेट गेट के बाहर शव रखकर परिजनों ने धरना दे दिया। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता, एसीपी कोतवाली आशुतोष कुमार समेत कई थानों की फोर्स मौके पर आ गई। एडीएम सिटी ने परिजनों से वार्ता कर शांत कराया।
एडीएम सिटी राजेश कुमार ने आवास उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यदि ठंड से मौत की पुष्टि होती है तो शासन से चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
वहीं, मृतक की बेटी ज्योति का कहना है कि मोहल्ले में करीब 70 से अधिक परिवार रहते थे। उन्हें अतिक्रमण अभियान के बाद बेघर कर दिया गया है। सभी परिवार इस भीषण ठंड में तिरपाल के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर हैं। कई लोगों की तबीयत भी खराब चल रही है।
पहले फूलबाग में बैठे थे शव लेकर
जानकारी के अनुसार प्रदर्शनकारी पहले फूलबाग के बाद कुछ देर बैठे। वहां से वह दाह संस्कार को जाने की तैयारी कर रहे थे। अचानक वह लोग शव लेकर कलक्ट्रेट पहुंच गए।
तीन सदस्यीय कमेटी गठित
डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने तीन सदस्यीय कमेटी की गठन किया है जिसमें एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार, केडीए सचिव व एक पुलिस अधिकारी को शामिल किया है। यह कमेटी मकान गिरने से लेकर मौत तक की जांच करेगी।