कानपुर देहात। तस्करी की सूचना पर शिवली थाना पुलिस ने 11 दिसंबर की रात को रामपुर गजरा में छापा मारकर 37 गोवंशों को तस्करी से बचाया था। जबकि तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले थे। शुक्रवार को पुलिस ने फरार चल रहे 25 हजार के इनामिया को भुजपुरा से गिरफ्तार किया है। पुलिस दो तस्करों को पहले ही मुठभेड़ में गिरफ्तार कर चुकी है।
शिवली थानाध्यक्ष प्रवीण यादव ने बताया कि शुक्रवार को भुजपुरा तिराहे पर घेराबंदी कर गांधीनगर सिकंदरा निवासी शादाब को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में शादाब ने बताया कि वह राजस्थान के बंजारा मोहर सिंह, राजू बंजारा, राघव बंजारा व औरैया के सहायल निवासी नसीरुद्दीन के साथ मिलकर छुट्टा गोवंशों को चोरी छिपे पकड़ कर बेचने, काटने के लिए एकत्र करते थे। मोहर सिंह, राजू, राघव व नसीरुद्दीन गांवों के आसपास जंगलों में डेरा डालकर रुकते थे। इसके बाद क्षेत्र के गोवंश एकत्र कर बांध लेने के बाद उसको सूचना देते थे। इसके बाद वह लोग गोवंशों को ट्रक में लादकर रामपुर व बंगाल में कटने के लिए बेच देते थे।
11 दिसंबर को उन लोगों ने रामपुर गजरा के जंगल में डेरा डालकर गोवंश एकत्र किए थे। इसकी जानकारी होने पर पुलिस ने छापा मारा था। इस पर वह लोग गोवंश छोड़कर भाग गए थे। बता दें कि इससे पहले पुलिस 16 दिसंबर को राजस्थान के कोटा के सुकेत थाना क्षेत्र के टीन टपरिया निवासी मोहर सिंह व राजू को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। थानाध्यक्ष ने बताया कि मोहर सिंह व राजू से पूछताछ में शादाब का नाम प्रकाश में आया था। आरोपी के फरार रहने पर उसपर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया है। वहां से उसको जेल भेजा गया है।