सैनिकाें काे घर अाकर छुट्टियां मनाने का इंतजार रहता है। वाे साेचते हैं कि कब उन्हें छुट्टी मिले अाैर वाे अपने परिवार के साथ मस्ती के कुछ पल बिता सके पर इस सैनिक के साथ छुट्टियां मनाने के दाैैरान कुछ एेसा हुअा जिसे सुनकर हर किसी की रूह कांप जाएगी।
बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र के आंकिन गांव में श्वास की बीमारी के कारण एकाएक सैनिक की हालत बिगड़ गई। परिजन जब तक उसे उपचार के लिए एयर फोर्स हास्पिटल कानपुर लेकर पहुंच पाते तब तक रास्ते में सैनिक की मौत हो गई। सैनिक की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
आंकिन गांव में कौशल कुमार द्विवेदी का 35 वर्षीय पुत्र कृष्ण मोहन द्विवेदी जाट रेजीमेंट में लांस नायक के पद पर नागालैंड के दानेपुर सेक्टर में तैनात थे। परिवार के योगेश शुक्ला ने बताया कि कृष्ण कुमार 20 नवंबर को छुट्टी पर गांव आए थे। उन्हें श्वास संबंधी बीमारी लंबे समय से थी। शुक्रवार सुबह खांसी के बाद कृष्ण कुमार को उल्टी होने लगी।
हालत बिगड़ने पर आनन-फानन उन्हें लेकर परिजन एयर फोर्स हास्पिटल कानपुर जा रहे थे। तभी रास्ते में कृष्ण कुमार ने दम तोड़ दिया। कृष्ण कुमार के चार वर्ष की एक पुत्री और एक साल का पुत्र है जबकि पत्नी अर्जिता का घटना के बाद से रो-रोकर बुरा हाल है। सैनिक की मौत से क्षेत्र में भी गम का माहौल है। जिसने भी यह घटना सुनी उसकी रूह कांप गई।