कानपुर। कोतवाली पुलिस ने फर्जी जमानतगीर बन अपराधियों का जमानत लेने के मामले में फरार चल रहे 25 हजार इनामी गैंगस्टर को चार साल बाद कौशलपुरी से गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ गैंगस्टर कोर्ट के लिपिक ने वर्ष 2020 में कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तब से वह फरार चल रहा था।
गैंगस्टर कोर्ट ने वर्ष 2020 में फर्जी जमानत का खेल पकड़ा था। मामला सामने आते ही अपराधियों की रिहाई की असलियत खुल गई थी। इसके बाद गैंगस्टर कोर्ट के लिपिक ने किरन शंकर घोष ने 10 नवंबर 2020 कोतवाली थाने में 73 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि आरोपियों ने फर्जी जमानतगीरों का प्रयोग कर जमानत करा ली। नामजद आरोपियों में 59 आरोपी भी शामिल थे। मामले की जांच में जुटी कोतवाली पुलिस ने 72 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था जबकि नजीराबाद के कौशलपुरी निवासी अमित बालिया उर्फ साहिल अरोड़ा फरार हो गया था। वह मूलरूप से जयपुर के श्याम रेजीडेंसी भावानीनगर का रहने वाला है। डीसीपी ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये इनाम घोषित किया था।
इंस्पेक्टर कोतवाली जगदीश पांडेय ने बताया कि बुधवार को आरोपी के शहर में होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने उसके घर पर दबिश देकर दबोच लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। आरोपी के खिलाफ कोतवाली, सचेंडी व नौबस्ता थानाक्षेत्र में फर्जी दस्तावेज के सहारे धोखाधड़ी, आबकारी अधिनियम समेत करीब सात आपराधिक मामले दर्ज हैं।