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Kanpur News: चार सदस्यीय टीम ने पीएचसी में दर्ज किए महिला कर्मचारियों के बयान

Sat, 30 May 2026 01:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। राजपुर पीएचसी में तैनात आरबीएसके टीम की महिला चिकित्सक व कर्मचारियों ने 26 मई को डीएम को एक शिकायती पत्र दिया था। इसमें संविदा फार्मासिस्ट भोलेंद्र सिंह पर मानसिक प्रताड़ना, अभद्र व्यवहार, धमकी और कार्यस्थल पर असुरक्षित माहौल बनाने के आरोप लगाए गए थे। मामले में शुक्रवार को चार सदस्यीय टीम ने राजपुर पीएचसी में पहुंचकर महिला चिकित्सक सहित अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए।
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एसीएमओ डॉ. एसएल वर्मा के नेतृत्व में डॉ. रिदिमा त्रिपाठी, डॉ. जया, प्रशासनिक अधिकारी रामखिलावन मौर्या की टीम शुक्रवार को राजपुर पीएचसी पहुंची। यहां टीम ने आरबीएसके टीम की डॉ. आकांक्षा मिश्रा, डॉ. आशीष मिश्रा, एएनएम पारुल देवी आदि के बयान दर्ज किए। साथ ही अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से भी मामले की जानकारी जुटाई। बता दें कि राजपुर ब्लॉक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की दो टीमें कार्यरत हैं। दोनों टीमों के बीच बीच काफी समय से गुटबाजी चल रही है। गुटबाजी और रसूख का विवाद गंभीर आरोपों तक पहुंच गया।
टीम ए की महिला कर्मचारियों ने 26 मई को टीम बी के संविदा फार्मासिस्ट भोलेंद्र पर मानसिक प्रताड़ना, अभद्र व्यवहार, धमकी देने के आरोप में डीएम से शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि भोलेंद्र कई वर्षों से राजपुर में तैनात हैं। स्वयं को संविदा कर्मचारी संघ का पदाधिकारी बताकर कर्मचारियों पर दबाव बनाते हैं। भोलेंद्र की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भड़का कर टीम के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। इससे कार्य करने में परेशानी होने व अप्रिय घटना होने की आशंका जाहिर की थी।
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शिकायतकर्ताओं ने टीम की जांच पर ही खड़े किए सवाल
आरबीएसके टीम की ओर से फार्मासिस्ट पर लगाए गए आरोपों की जांच करने पहुंची टीम पर शिकायतकर्ताओं ने खानापूर्ति के आरोप लगाए हैं। डॉ. आकांक्षा मिश्रा ने बताया कि हम सब ने पारदर्शिता से जांच कराने की मांग की थी। शुक्रवार को पीएचसी में जांच करने आई टीम ने बयान में जल्दबाजी करते हुए अधूरे बयान दर्ज किए। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी नहीं लिए। यहां तक कि फार्मासिस्ट सुरेश शुक्ला के बयान दर्ज करने से भी इन्कार कर दिया। वहीं, डॉ. आशीष मिश्रा ने बताया कि जांच टीम ने लिखित बयान तो लिए लेकिन बयान में पूरी बात स्पष्ट नहीं लिखने दी। सिर्फ दो लाइन में बयान दर्ज किए हैं।
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बयान......
सीएमओ के निर्देश पर टीम ने पीएचसी में जाकर शिकायत कर्ताओं के बयान दर्ज करने के साथ कर्मचारियों से भी मामले की जानकारी जुटाई है। जांच में हीलाहवाली के आरोप निराधार हैं। जल्द ही मामले की रिपोर्ट तैयार कर सीएमओ को सौंपी जाएगी। - डॉ. एसएल वर्मा, एसीएमओ
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