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बारिश के बाद निकली धूप देख मन खुश हुआ ही था, देखते ही देखते 12 परिवारों की 'छिन गई छत'

Sun, 05 Aug 2018 08:51 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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मिट्टी साफ करती वृद्धा - फोटो : अमर उजाला
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रुक-रुककर हुई बारिश से यूपी के उन्नाव जिले में शहर और ग्रामीण इलाकों के रास्ते जलमग्न हो गए। वहीं तहसील हसनगंज के परेंदा गांव में बारिश से एक दर्जन से अधिक कच्चे मकान ढह गए। ग्राम पंचायत अधिकारी ने गिरे हुए घरों की जांच की।
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शनिवार को पूरे दिन बारिश न होने से हल्की धूप भी निकली थी। जिससे लोगों ने काफी राहत की सांस ली थी। रविवार सुबह करीब 9 बजे बारिश शुरू हुई। जो आधे घंटे तक जारी रही। फिर कुछ देर के लिए हल्की धूप निकल आई। हालांकि कुछ ही देर बाद फिर बादल छा गए और बारिश शुरू हो गई। दोपहर ओर शाम को भी हल्की बारिश हुई।

इससे हसनगंज तहसील क्षेत्र के परेंदा गांव के राजेश पुत्र रामभरोसे, सुनीता पत्नी राजेश, देवतादीन पुत्र होसराम, विटोला पुत्री सत्यनरायन, अमरनाथ पुत्र श्यामलाल, शिवशंकर पुत्र जगदीश, दुर्गाशंकर पुत्र रामशंकर, टुन्नीलाल पुत्र लालता, भाई मनोज, कमलेश पुत्र देवशरण, कृष्णपाल पुत्र देवीबक्स और जयकृष्ण पुत्र हीरा सहित गांव के 13 लोगों के कच्चे मकान गिर गए हैं।
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रहने का नहीं बचा कोई ठिकाना

कच्चे मकान पर डाली गई पन्नी - फोटो : अमर उजाला
रहने का कोई ठिकाना नहीं बचा है जिससे तिरपाल के नीचे सभी गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। वहीं देवतादीन परिवार सहित घर छोड़कर गांव से पलायन कर गया है। ग्राम प्रधान के पति संजय सिंह और ग्राम पंचायत अधिकारी सर्वेश कुमार ने गिरे मकानों का निरीक्षण कर शासन को रिपोर्ट भेज दी है। ग्राम विकास अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2011 की सूची में जयकृष्ण का नाम नहीं है।

शेष 12 लोगों के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में दर्ज हैं। जयकृष्ण का नाम भेज दिया है। इसी तरह ब्लाक सरोसी क्षेत्र के बुलंदपुर बेधनू निवासी गोविंद राठौर पुत्र राजाराम कच्ची झोपड़ी में रहता है। बारिश ने उसका भी घर छीन लिया। गोविंद ने बताया कि पिता व और उसके पास कोई जमीन नहीं है। फिर भी उसे कालोनी नहीं मिली है। जिलाधिकारी से जांच कराकर आवास की मांग की है।
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