कानपुर। हैलट रोड पर रोजाना जाम का कारण बन रहे शव वाहन और एंबुलेंस के खिलाफ रविवार दोपहर पुलिस और ट्रैफिक विभाग ने संयुक्त अभियान चलाया। पुलिस को मौके पर ऐसे वाहन मिले जो पूरी तरह से खटारा थे। हालांकि, उनको एंबुलेंस बनाकर धड़ल्ले से मरीज ढोए जा रहे थे। वहीं, चालान की कार्रवाई होते देख कई चालक अपनी गाड़ी लेकर भाग निकले। पुलिस ने अभियान के तहत 10 एंबुलेंसों का चालान किया।
रविवार दोपहर करीब दो बजे एडीएम सिटी राजेश कुमार, एडीसीपी सेंट्रल अर्चना सिंह, एसीपी स्वरूपनगर शिखर पुलिस बल के साथ पैदल पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। अफसरों के आने की भनक जाम का कारण बन रहे एंबुलेंस चालकों को न लगे इसलिए अपने वाहन एलएलआर मेट्रो स्टेशन के पास खड़े कर दिए थे।
अफसर मौके पर पहुंचे तो एंबुलेंस चालक कार्रवाई के डर से भागने लगे। अफसरों ने टीम ने चालकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। अफसरों ने सेंट्रल टीआई मनोज सिंह को एक-एक खटारा वाहन और एंबुलेंस को स्वरूपनगर थाने भिजवाने के आदेश दिए। कार्रवाई की भनक जैसे ही अन्य एंबुलेंस और शव वाहन चालकों को लगी तो वह लोग स्वरूप नगर थाने पहुंच गए। एसीपी स्वरूप नगर शिखर के नेतृत्व में स्वरूप नगर इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह ने करीब 10 एंबुलेंस के कागजात, चालकों के लाइसेंस देखने के बाद उनके चालान कर दिए। जाम न लगाने की हिदायत देकर छोड़ दिया। .........
अभियान के तहत एडीएम सिटी राजेश कुमार ने जब कई एंबुलेंस को हैलट रोड पर जाते वक्त रोका तो चालकों के पसीने छूट गए। उन्होंने एक एंबुलेंस को रोका तो उसमें मरीज के लिए न तो ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था थी और न ही प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स था। काली फिल्म चढ़ी थी। इसके बाद अफसर ने एक के बाद एक कई एंबुलेंस को रुकवाया तो ज्यादातर की दशा इसी तरह मिली।
जिला प्रशासन और पुलिस की टीम जिस समय मोतीझील से लेकर गोल चौराहे तक एंबुलेंस पर कार्रवाई कर रही थी। उस समय वहां से गुजरने वाले अन्य चालक फोर्स को देखते ही पकड़े जाने के डर से एंबुलेंस लेकर गलियों में घुस गए। इस दौरान कई चालकों ने जीटी रोड पर सुपर स्पेशियेलिटी हॉस्पिटल के पास एंबुलेंस खड़ी की। वहीं, कई कार्डियोलॉजी के बाहर, रावतपुर कंपनी बाग की ओर लेकर पहुंचे।
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