कानपुर। स्कूल के मेन गेट से दाखिल होते ही ठीक सामने डोसे का ठेला, जगह जगह टूटे हुए फर्नीचर, गंदगी के ढेर, पीछे की तरफ बंधी हुई गाय...। यह नजारा शनिवार को जिला विद्यालय निरीक्षक प्रवीण कुमार को अशोकनगर स्थित श्री वासुदेव मिश्र हायर सेकेंड्री स्कूल के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान नजर आया। वह टीम के साथ जैसे ही स्कूल के अंदर आए, उन्हें स्कूल जैसा माहौल ही नहीं लगा। उन्होंने मातहतों से वहां की जानकारी ली। स्कूल के कक्षों का निरीक्षण किया। वहां केवल एक ही छात्र बैठा मिला। शिक्षकों और कर्मियों के संबंध में पूछताछ की। हाजिरी रजिस्टर मंगवाया, जिसे देखकर उनके चेहरे के भाव बदल गए। उन्होंने गैरहाजिरों शिक्षको व कर्मी का जुलाई माह का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
कक्षा एक से 10 तक संचालित अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय के प्रधानाचार्य ने बताया कि कक्षा 6 से 10 तक 36 छात्र पंजीकृत हैं। निरीक्षण के समय महज छात्र समर उपस्थित मिला। छात्र को समय सारिणी के मुताबिक पाठ नहीं पढ़ाया जा रहा था। विद्यालय में कार्यरत तीन शिक्षक ऊषा भदौरिया, जितेंद्र उत्तम और प्रणव उपस्थित पंजिका में हस्ताक्षर करने के बावजूद विद्यालय में मौजूद नहीं मिले। एक परिचारिका सुषमा दीक्षित भी गैरहाजिर मिलीं। निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में डोसा का ठेला दिखाई दिया। कई वाहन और एक गाय बंधी मिली। परिसर का उपयोग आवासीय रूप में हो रहा था। परीक्षा कक्ष में गंदगी और टूटे फर्नीचर इधर-उधर पड़े हुए थे। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रवीण कुमार ने बताया कि छात्र संख्या बढ़ाने के लिए किसी भी प्रकार का हाउस होल्ड सर्वे नहीं कराया गया और न ही सर्वे की सूची ही तैयार की गई। सभी खामियों को लेकर तीन कार्य दिवसों के भीतर पूरा करते हुए अनुपालन रिपोर्ट कार्यालय में जमा करनी होगी। गैरहाजिर शिक्षकों व कर्मचारी का जुलाई माह का वेतन रोेक दिया गया है। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। पूरी रिपोर्ट डीएम, संयुक्त शिक्षा निदेशक को भेज दी गई है।