चमनगंज के प्रेमनगर क्षेत्र के छह मंजिला भवन में रविवार को आग लगने से पांच की माैत हो गई। भूतल पर आग और छठी मंजिल की छत के जीने पर ताला लगा था। इससे बीच में फंसे दंपती और तीन बेटियों की जान चली गई। कारोबारी मो. दानिश (45) और उनकी पत्नी नाजली सबा (40) का शव चौथी मंजिल की सीढि़यों पर मिला, जबकि तीनों बेटियों के शव तीसरी मंजिल की सीढ़ी के नीचे मिले थे। पांचवीं मंजिल के गेट का दरवाजा खुला होता तो परिवार छत पर सुरक्षित जा सकता था।
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एसडीआरएफ की टीम ने भी दंपती और बेटियों के अलग-अलग शवों को देखकर भागमभाग के दौरान एक दूसरे का साथ छूटने की आशंका जताई है। तीनों बेटियों सारा (15), सिमरा (12) और इनाया (07) ने खुद को सुरक्षित करने के लिए सीढ़ी के नीचे का सहारा लिया, लेकिन दमघोंटू धुएं और आग की वजह से जिंदगी से हार गईं। दानिश, पिता अकील को सुरक्षित निकालने के बाद पत्नी और बेटियों को बचाने के लिए अंदर गए थे। उन्हें और परिवार को आग की भयावहता का अंदाजा नहीं लग सका।
चमनगंज अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
दिल दहलाने वाले मंजर को देख लोग कांप गए
पांच मंजिला भवन में हुए भीषण अग्निकांड के दूसरे दिन आग की भयावहता का मंजर देख लोगों के दिल कांप गए। यहां खामोशी के बीच कमरे के कुछ हिस्से से उठता धुआं नजर आया। यहां जाने पर पुलिस और प्रशासन की ओर से सख्ती लगाई दी गई। भूतल मेंं जूते के कारखाने से लगी आग ने पूरी बिल्डिंग को जलाकर खाक कर दिया। चमड़ा और केमिकल के कारण धधकती आग के बीच दमकल कर्मी पानी की बौछार करने के बाद भी अंदर फंसे परिवार को बचा सके।
चमनगंज अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
अग्निकांड के दूसरे दिन सोमवार को पूरी बिल्डिंग आग से तपती रही। कमरों के प्लास्टर टूट-टूटकर गिरते रहे। छतों पर लगे पंखे टेढ़े हो गए थे, जबकि बल्ब व रॉड फट गए। आग ने एक-एक कोने को जलाकर राख कर दिया था। आसपास इलाके के सैकड़ों लोगों ने मौके पर पहुंचकर बिल्डिंग का हाल देखा तो उनके रोंगटे खड़े हो गए। मोबाइल से विभित्सा का वीडियो बनाने के बाद पुलिस को हटाने के बाद चले गए।
चमनगंज अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला
देर शाम फिर सुलगी आग, दमकल ने बुझाई
प्रेमनगर में दानिश के अपार्टमेंट में लगी आग 24 घंटे बाद भी काबू में नहीं आ सकी। सोमवार शाम तीसरे तल पर स्थित दानिश के फ्लैट से धुआं उठते देख क्षेत्रीय लोगों ने दमकल को सूचना दी तो तुरंत एक गाड़ी की मदद से आग बुझाई गई। सोमवार दोपहर तक दमकल कर्मी आग पर काबू पाने के लिए जद्दोजहद करते रहे। दोपहर करीब सवा एक बजे जब धुआं निकलना बंद हो गया तो पुलिस व दमकल अधिकारी जांच करने पहुंचे। इसके बाद शाम को करीब 05:54 बजे अचानक मौसम बदलने और आंधी चलने पर आसपास के लोगों ने दानिश के फ्लैट से फिर धुआं उठते व आग की लपटें देखी। इस पर दमकल की गाड़ी बुलाई गई और बगल के धर्मेंद्र के मकान से पाइप डालकर आग को काबू किया गया।
मोहम्मद दानिश के मकान में रविवार रात लगी आग की विकरालता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि लपटें करीब एक किमी दूर से दिखाई दे रही थीं। आग से कमरों का तापमान अपने चरम पर पहुंचा तो रसोई में रखा सिलिंडर धमाके के साथ फट गया। धमाका इतना जोरदार था कि आग की नीली लौ का घेरा कई मीटर तक फैल गया। धमाके से रसोई की दीवार में छेद हो गया। वहां से ईंटें उखड़कर पड़ोसी मयंक त्रिपाठी के मकान की छत पर रखी पांच सौ लीटर की टंकी पर जा गिरा। इससे टंकी फट गई और सारा पानी बह गया।