कानपुर। इस्पातनगर में नकली सीमेंट बनाने की फैक्टरी ऐसे ही नहीं पकड़ी गई बल्कि डिस्ट्रीब्यूटर गुप्ता बंधुओं की ओर से लगातार मिलावटी सीमेंट लखनऊ में बन रहे एयरपोर्ट भेजी गई। ठेकेदारों की ओर से लगातार मिल रही शिकायतों पर अडाणी ग्रुप की इंटेलिजेंस टीम ने डिस्ट्रीब्यूटर पर नजर रखना शुरू किया। 15 दिन की मेहनत रंग लाई और कंपनी की मार्केटिंग और पुलिस कमिश्नर की टीम ने मिलकर फर्म में दबिश दी तो नकली सीमेंट की सैकड़ों बोरियां सामने आईं।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि पनकी इंस्पेक्टर को अल्टीमेटम दिया गया है कि जल्द ही फरार चल रहे गुप्ता बंधुओं और उनके साथियों की गिरफ्तारी करें वर्ना उनकी भी मिलीभगत मानी जाएगी। उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्हें थाने से हटाया भी जा सकता है। बता दें कि तीन दिन पूर्व रामा देवी में एसीसी और अम्बुजा सीमेंट की डिस्ट्रीब्यूटर की फर्म चलाने वाले नीरज व धीरज गुप्ता की इस्पातनगर स्थित कारखाने से 1000 नकली सीमेंट की बोरियां बरामद की गई थीं। दोनों भाइयों और उनके मेरठ निवासी दो साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
अडाणी ग्रुप के सूत्रों के अनुसार पिछले करीब डेढ़ माह से एयरपोर्ट पर गुप्ता बंधु की ओर से जो सीमेंट भेजी जा रही थी। उसकी गुणवत्ता को लेकर ठेकेदार लगातार शिकायत कर रहे थे। दो अन्य डिस्ट्रीब्यूटर से भी फीडबैक लिया तो पता चला कि शहर में जिन मकानों-दुकानों के निर्माण के लिए गुप्ता बंधुओं की ओर से सीमेंट दी गई उसमें शिकायत आ रही है। इसके बाद पुलिस कमिश्नर से मिलकर उन्हें पूरी जानकारी दी गई। तब जाकर बुधवार को फर्म में डुप्लीकेट सीमेंट बनाने का भंडाफोड़ हो सका।