कानपुर देहात। विकास भवन में सोमवार को वायरिंग ठीक करते समय चतुर्थ श्रेणी कर्मी करंट से झुलस गया। अन्य कर्मियों ने तुंरत उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। वहां इलाज के बाद हालत चिंता से बाहर बताई गई है। प्रशिक्षित कर्मी के बजाय चतुर्थ श्रेणी कर्मी का वायरिंग ठीक करना सवाल खड़े कर रहा है।
विकास भवन तीन मंजिला है। यहां 20 से अधिक विभागों के कार्यालय संचालित हैं। वायरिंग में फॉल्ट से शुक्रवार से तीनों तल की बिजली आपूर्ति गड़बड़ हो गई। माह का दूसरा शनिवार व रविवार को अवकाश होने से विकास भवन बंद रहा। सोमवार को विकास भवन में कार्यालय खुले तो बिजली उपकरण नहीं चले। अधिकांश कार्यालयों में लगे इन्वर्टर पहले ही दगा दे चुके थे।
कृषि, उप कृषि निदेशक, जिला उद्यान, पशुधन, जिला अग्रणी बैंक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मनरेगा, नेडा, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय आदि में कंप्यूटर ठप होने से काम प्रभावित हुआ। वहीं कर्मी उमस से परेशान रहे। दोपहर करीब एक बजे पंचायत विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मी नरेंद्र भूतल पर वायरिंग ठीक करने पहुंचे। तारों को ठीक कर उसने भूतल की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी।
इसके बाद अन्य तलों की वायरिंग ठीक करने के प्रयास के दौरान तार आपस में टकरा गए तो स्पार्किंग संग नरेंद्र करंट की चपेट में आ गए। तेज झटका लगने से वह फर्श पर गिर गए। चीख की आवाज सुनकर अन्य कर्मी दौड़कर पहुंचे और तुरंत उसे मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी ले गए। वहां डॉक्टर ने भर्ती कर उपचार शुरू किया।