यूपी के कानपुर शहर में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने आत्महत्या कर ली। युवक का मृत शरीर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा तो परिजनों से ही पोस्टमार्टम करने का सामान मंगाया गया।
जानें पूरा मामला...
डेमो पिक
यह घटना कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र की है। यहां स्क्रीन प्रिंटिंग का काम करने वाले धर्मेंद्र वर्मा (28) ने जहर खाकर जान दे दी। परिजनों का आरोप है कि पत्नी के दहेज में फंसाने की धमकी देने पर धर्मेंद्र ने यह कदम उठाया है।
इधर, पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों से धर्मेंद्र के शव का पोस्टमार्टम करने के लिए बोन कटर से आरी तक मंगाई गई। इस पर कुछ लोगों ने सवाल उठाया तो पोस्टमार्टम प्रशासन ने बोन कटर परिजनों को वापस कर दिया। इस मामले को सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ला ने संज्ञान में लेकर जांच कराने की बात कही है।
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पंचवटी विनायकपुर निवासी धीरेंद्र के बड़े भाई नवल किशोर ने बताया सोमवार रात भी धीरेंद्र की अर्चना के बात हुई थी। अर्चना ने फिर उसे धमकी दी, जिससे डर कर उसने जहर खा लिया। नवल ने बताया कि पोस्टमार्टम में कर्मचारियों ने उसे ब्लेड, दस्ताने, बोन कटर, आरी और टेप मेडिकल स्टोर से लेकर आने को कहा और पर्चा थमा दिया। कहा कि यह सामान आने पर पोस्टमार्टम हो सकेगा।
नवल सामान लेकर आया तो कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। इसपर कर्मचारियों ने बोन कटर उन्हें लौटा दिया। सीएमओ नगर का कहना है कि परिजनों से पोस्टमार्टम का सामान मंगाया जाना गलत है।
पोस्टमार्टम प्रभारी के डिमांड भेजने पर विभाग से पोस्टमार्टम का पूरा सामान वहां भेजा जाता है। धीरेंद्र के परिजनों से किसने और क्यों यह सामान बाजार से मंगाया। इसकी जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।