उत्तर प्रदेश के कानपुर में कोरोना से मरी फीलखाना की रहने वाली 50 वर्षीय महिला को मर्ज के खतरनाक संकेत तीन दिन पहले से मिलने लगे थे। कोरोना संक्रमण के अलावा वह पहले से डायबिटीज की रोगी भी रही थीं।
उन्हें बुखार के साथ तीन दिन से सांस फूलने की शिकायत हो गई। इन लक्षणों पर परिजनों ने अधिक ध्यान नहीं दिया। इसके बाद जब वह बेहोश हो गईं तो घरवाले उन्हें हैलट लेकर आए। इसके बाद हालत बिगड़ती गई और मौत हो गई।
डाक्टरों का कहना है कि डायबिटीज केे रोगी के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता वैसे ही कम रहती है। इसके अलावा एंटी बॉडीज बनने की प्रक्रिया भी धीमी हो जाती है। ऐसे रोगी कोरोना के हाई रिस्क में रहते हैं। लक्षण नजर आते ही फौरन अस्पताल में दिखाना चाहिए।