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तीन बाबू जांच के दायरे में

Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
Kanpur
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कानपुर। रेल टिकट आरक्षण के खेल मामले में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। बरामद 205 टिकट की पड़ताल में 97 टिकट ऐसे पाएं गए जो तीन बाबुओं ने उन्नाव या अन्य जगह से जारी करें और बाद में इनकी बोर्डिंग हुई। साथ ही इस मामले में जेल की हवा खा रहे वर्ल्ड ट्रेवल्स एजेंसी के नफाकत के कुली का लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश की गई है। इसी कड़ी में शनिवार को जांच अधिकारी आरपीएफ के कंपनी संजय पांडे ने स्टेशन अधीक्षक से लाइसेंस का ब्योरा मंगाकर डिप्टी सीटीएम और मंडल वाणिज्य प्रबंधक को पत्र भेजने की तैयारी कर ली है।
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आरपीएफ ने गैरकानूनी ढंग से रेल टिकट एजेंसी चलाने वाले नफाकत के दफ्तर में छापा मारा तो 205 आरक्षित टिकट के साथ 88 आईडी मिली थी। इससे साबित हो गया था कि बड़े पैमाने पर नफाकत और उसके गुर्गे बाबुओं से सेटिंग करके आरक्षण कराते हैं। टिकट की पड़ताल में पता चला है कि आरक्षण केंद्र के तीन बाबुओं ने इस एजेंसी को 97 टिकट जारी किए। साथ ही उन्हें उन्नाव या अन्य स्टेशनों से बनवाना बाबुओं की सेटिंग की गवाही दे रहा है। जांचाधिकारी संजय पांडे ने बताया कि कुली लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश की गई है। साथ ही जांच के दायरे में आए बाबुओं का ब्योरा भी मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक से मांगा है। वहीं दहशतजदां आरक्षण बाबू यूनियन नेताओं का दामन थामकर पैरवी में जुट गए हैं।
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