कानपुर। नेशनल रूरल हेल्थ मिशन (एनआरएचएम) प्रदेश में 2017 तक लागू रहेगा। इसकी मौजूदा समय में चल रही छह योजनाएं भी चार साल तक लगातार चलती रहेंगी। इन योजनाओं में तैनात कर्मचारियों का कार्यकाल भी हर साल बढ़ता रहेगा। इससे जहां एक ओर हजारों अधिकारियों, कर्मचारियों को रोजगार मिलता रहेगा वहीं दूसरी ओर लाखों लोग लाभान्वित होंगे। इसके लिए शासनदेश जल्द जारी करने की तैयारी है।
एनआरएचएम और एनयूएचएम योजनाओं का फिलहाल एक - एक साल के लिए विस्तारीकरण किया जाता है। इन योजनाओं में जो भी अधिकारी, डॉक्टर और कर्मचारी संविदा पर तैनात किए जाते हैं, उन सभी का कार्यकाल एक साल का रहता है और वित्तीय वर्ष शुरू होने के बाद संविदा कर्मचारियों को अपना-अपना कार्यकाल बढ़वाने में भी चार से आठ महीने लग जाते थे। इस बीच न तो उनका काम में मन लगता था और न ही कार्य में गति आ पाती थी। इसके मद्देनजर केंद्र सरकार योजनाओं का कार्यकाल एकमुश्त बढ़ाने पर काफी समय से विचार कर रही थी। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर निदेशक डॉ. पीएल गुप्ता ने बताया कि एनआरएचएम और एनयूएचएम का कार्यकाल 2017 तक बढ़ा दिया गया है। चार दिन पहले लखनऊ में हुई बैठक में इसकी जानकारी दी गई। इस संबंध में जल्द ही शासनादेश लागू होने वाला है।
इनसेट
एनआरएचएम की योजनाओं का ब्यौरा
- जननी सुरक्षा योजना
- जननी शिशु सुरक्षा योजना
- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम
- अंधता निवारण कार्यक्रम
- राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम
- राष्ट्रीय एंबुलेंस सेवा