कानपुर। चकेरी के रूमा-भौंती हाइवे पर ग्वालियर के जिला जज के परिवार से वसूली किसने की? यह सवाल रिपोर्ट लिखे जाने के सात दिन बाद भी अनुत्तरित है। व्हाट्स-एप के जरिए परिवार ने पुलिस को जो फोटो या फुटेज दी, पुलिस के मुताबिक उसमें चेहरे साफ नहीं हैं। घटना के दिन जिसकी ड्यूटी उस प्वाइंट पर थी, उनसे फुटेज वाला धुंधला चेहरा मेल नहीं खा रहा। ऐसे में पुलिस अब परिवार के सामने परेड कराने का मन बना रही है।
ग्वालियर के जिला जज वी.के वोहरा ने व्हाट्स-एप पर एसपी ट्रैफिक से घूस लिए जाने की शिकायत की थी। कहा गया था कि 27 अप्रैल को उनके परिवार के लोग(पत्नी, साला एवं अन्य) कार से इलाहाबाद जा रहे थे। रूमा-भौंती हाइवे पर ट्रैफिक पुलिस वालों ने कार रोकी। ट्रैफिक मानक पूरा न करने की बात करते हुए हजार रुपये वसूल लिए। पुलिस वाले वैसे तो पांच हजार रुपये की मांग पर अड़े थे। इस शिकायत पर दो मई को चकेरी थाने में अज्ञात ट्रैफिक पुलिस वालाें के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। मामला जिला जज से जुड़ा है, इस वजह से इसकी जांच सीओ कैंट अवनीश चंद्र मिश्र कर रहे हैं। रिपोर्ट दर्ज होने से अब तक कई पुलिस अफसर व्हाट्स-एप की फोटो और वीडियो फुटेज देख चुके हैं। पर, तस्वीर धुंधली होने की वजह से पुलिस वाले पहचान में नहीं आ रहे। उनकी वर्दी दिख रही है। केवल वर्दी और कद काठी से शिनाख्त कर पाना मुश्किल हो रहा है।
पुलिस ने 27 अप्रैल को उस प्वाइंट पर बताए समय के समय जिसकी-जिसकी ड्यूटी थी, उससे पूछताछ की। सभी ने ऐसी किसी घटना से इंकार कर दिया। उनकी बॉडी लैंग्वेज को धुंधली तस्वीर से मिलाने की कोशिश हुई लेकिन किसी निर्णय पर नहीं पहुंचा जा सका। अब पुलिस यह भी शक कर रही है कि हाईवे पर कहीं किसी बाहरी क्षेत्र की पुलिस ने तो वसूली नहीं कर ली। यह भी संभव है कि उनकी वर्दी ही नकली हो। पहले भी कई बार हाइवे पर फर्जी दरोगा, कांस्टेबल, आरटीओ कर्मी बनकर वसूली करने वाले पकड़े जा चुके हैं। सीओ का कहना है कि यदि कोई चारा नहीं बचा तो जिला जज के परिवार के सामने शिनाख्त परेड कराई जाएगी।