कानपुर। बिधनू के स्वर्ण जयंती बिहार सेक्टर पांच में अवैध खनन से बने तालाब में डूबकर हाईस्कूल के दो छात्रों की मौत हो गई। एक की जान दूसरे को बचाने में चली गई। किनारे खड़े दो अन्य दोस्तों ने उन्हें डूबते देखकर शोर मचाया लेकिन जब तक इलाकाई लोग कुछ समझ पाते, दोनों छात्र गहरे पानी में समा गए। बाद में दोनों के शवों को तालाब से निकाला गया। बिधनू पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पुलिस ने बताया कि राजीव नगर निवासी प्राइवेट कर्मी नीलेश का हाईस्कूल में पढ़ने वाला बेटा आयुष (14) अपने साथी मछरिया निवासी राकेश के बेटे मोहन (15) के साथ शाम को घर से कोचिंग के लिए निकला था। इनके साथ दो और छात्र अनिकेत और रोहन भी थे। चारों यशोदानगर स्थित रामदुलारी इंटर कालेज में हाईस्कूल के छात्र थे। अनिकेत ने बताया कि कोचिंग पढ़ने के बाद वे चारों अपने दोस्त दीपक के घर जा रहे थे। रास्ते में तालाब को देख चारों वहीं पर नहाने के लिए रुक गए। अनिकेत के मुताबिक वह तालाब के किनारे ही खड़ा रहा जबकि बाकी तीनों दोस्त तालाब में नहाने लगे। कुछ समय बाद रोहन बाहर निकल आया लेकिन मोहन और आयुष नहाते रहे। कुछ ही पलों में आयुष डूबने लगा। यह देखकर मोहन उसे बचाने लगा तो वह भी डूबने लगा। बकौल अनिकेत उन दोनों ने शोर मचाया तो आस-पास के लौग दौड़े लेकिन तब तक आयुष और मोहन पानी में डूब चुके थे। इसके बाद पास में रहने वाले तैराक राजू ने तालाब में छलांग लगाई और एक-एक दोनों के शवों को बाहर निकाला। भारी भीड़ जमा हो गई। बाद में मोहन और आयुष के परिजन भी रोते बिलखते तालाब के किनारे पहुंच गए। इलाकाई लोगों ने बिधनू पुलिस को बताया कि सालों से हो रहे अवैध खनन के चलते हुए गड्ढे बारिश में तालाब की शक्ल ले लेते हैं। जिस तालाब में डूबकर आयुष और मोहन की मौत हुई, वह भी अवैध खनन की ही देन है। उधर, बिधनू इंस्पेक्टर पन्नालाल का कहना है कि अवैध खनन करने वालों का पता लगाया जाएगा।