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केस्को के मारे, कहां जाएं बेचारे?

Fri, 05 Jul 2013 05:30 AM IST
Kanpur
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कानपुर। आवास विकास नंबर तीन कल्याणपुर के शिव कुमार की बिजली की केबिल फुंक गई। वह 1526 रुपये की केबिल लेकर आए, जब केबिल बदलवाने के लिए इलेक्ट्रिशियन को बुलवाया तो उसने कहा कि मीटर के पास से केबिल जोड़नी पड़ेगी। उन्होंने कहा केबिल जोड़ने पर तो केस्को कर्मचारी बिजली चोरी का आरोप लगा सकता है। इलेक्ट्रिशियन ने समस्या बताई कि प्रचलित सिंगल फेस के मीटर में रिसील का सिस्टम नहीं है। केबिल के साथ मीटर भी बदलवाना होगा। सब स्टेशन जाकर समस्या बताई गई तो मीटर बदलवाने की सलाह दी गई।
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यह तो बानगीभर है। शहर में हर माह करीब 30-35 लोग इसी समस्या से दो-चार होते हैं। अगर किसी की केबिल फुंक जाती है, टूट जाती है या बदली जाती है तो उसे नया मीटर लगवाना होता है। साथ ही उसे नए मीटर का भी 1150 रुपये भुगतान करना पड़ता है। पहले के मीटरों में यह समस्या नहीं थी। सिंगल फेस के मीटरों में केबिल फिक्स हो जाती है। केबिल निकालते ही मीटर बाक्स खराब हो जाता है। केबिल बदलवाने की सूचना सब स्टेशन पर दी जाती थी। जेई मौके पर पहुंचकर अपने सामने मीटर बाक्स खुलवाकर केबिल लगवाते हुए बाक्स को रिसील कर देते थे। इस तरह उपभोक्ता को सिर्फ केबिल का ही खर्च झेलना पड़ता था। अधीक्षण अभियंता तकनीकी एकेएस चौहान का कहना है कि यह पालिसी मैटर है। नए मीटर में रिसील की सुविधा नहीं है। इसलिए उपभोक्ताओं को यह खर्च वहन करना ही पड़ेगा।



समस्या ही समस्या
केबिल बदलते वक्त मीटर के पास जोड़ लगाने से पकड़े जाने का खतरा
चेकिंग के दौरान कहा जा सकता है कि मीटर बाईपास कर चोरी हो रही है
घर की चहारदीवार के अंदर केबिल पर कोई जोड़ नहीं लगाया जा सकता
मीटर बदलवाने पर उपभोक्ताओं को सब स्टेशन के चक्कर लगाने पड़ते हैं
नया मीटर लगने पर पुराने बिल, मीटर का कागज दिखाकर खाते में चढ़वाना
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दो टूक - एसके वर्मा, अधीक्षण अभियंता
1-केबिल टूटने या बर्स्ट होने पर मीटर बदलवाना जरूरी है क्या?
-नहीं, लेकिन घर के अंदर कहीं भी केबिल में जोड़ नहीं होना चाहिए।
2-प्रचलित मीटरों में रिसील का सिस्टम नहीं है। जोड़ लगने पर बिजली चोरी का आरोप तो नहीं लगेगा?
-देखिए, केबिल में जोड़ होने पर बिजली चोरी की आशंका तो मानी जाएगी। इसलिए जोड़ नहीं होना चाहिए।
3-इसका मतलब केबिल बदलनी है तो मीटर भी बदलना होगा?
-हां, ये कहा जा सकता है क्योंकि इस सिंगल फेस मीटर में रिसील की व्यवस्था नहीं है।
4-इस तरह उपभोक्ता पर दोहरी मार पड़ेगी। उपभोक्ता इससे कैसे बचे?
-उपभोक्ता की समस्या जायज है। यह मामला केस्को की मासिक बैठक में रखा जाएगा। हो सकता है कि केबिल बदलने पर मीटर का बाक्स बदल दिया जाए। मीटर के अंदर का हिस्सा वही रहे। इससे उपभोक्ता पर मात्र दो-ढाई सौ का ही खर्च आएगा। इस तरह इस समस्या का विकल्प तलाशा जाएगा।
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