कानपुर। विजय नगर में सोमवार देर रात मांग भरते वक्त दुल्हन की दायीं आंख पत्थर की देखकर दूल्हे ने शादी से इंकार कर दिया और मंडप से भाग निकला। बात काकादेव थाने पहुंची। वहां दोनों पक्ष को बुलाकर पुलिस ने समझौता कराया लेकिन शादी नहीं हो पाई। लेनदेन वापसी के बाद दूल्हा पक्ष अपने घर लौट गया।
सोमवार रात मछली विक्रेता परिवार की लड़की की शादी नेहरू नगर के एक सेल्समैन से हो रही थी। मंडप में दूल्हे को सिंदूरदान के लिए बुलाया गया। दूल्हे के घरवालों ने बताया कि मांग भरते समय दूल्हे ने देखा कि दुल्हन के दायीं आंख पत्थर की है तो वह भड़क गया। सिंदूरदान फेंककर कहा उसे धोखा दिया गया है। वह शादी नहीं करेगा। पहले क्यों नहीं बताया गया कि लड़की की एक आंख पत्थर की है। मामला काकादेव थाने पहुंचा। वहां दूल्हा और दुल्हन पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे। घंटों कोशिश के बाद भी शादी होने पर बात नहीं बनी। अंत में तय हुआ कि दोनों एक-दूसरे का लेनदेन वापस कर दें। उधर दुल्हन पक्ष ने आरोप लगाया कि लड़के वालों ने चांदी के जेवरात पर सोने का पानी चढ़ाया था। जब उन लोगों ने इसका विरोध किया तो शादी तोड़ दी गई। काकादेव एसएसआई अखिलेश मिश्र ने बताया कि लड़की वालों ने कोई तहरीर नहीं दी है। समझौता होने की वजह से पुलिस ने किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।