कानपुर। टेंपो, ऑटो परमिट ट्रांसफर में सख्ती से नाराज टेंपो-टैक्सी महासंघ के पदाधिकारियों ने गुरुवार को सर्वोदयनगर स्थित आरटीओ दफ्तर पर जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने यूनियन नेताओं और चालकों को किसी तरह समझा-बुझाकर शांत कराया। अंत में टेंपो यूनियन के नेताओं ने अपर आयुक्त राजीव शर्मा को पांच सूत्री ज्ञापन सौंप कर आरटीओ में परमिट ट्रांसफर को लेकर चल रहे गोरखधंधे पर रोक लगाने की मांग की। ऐसा न होने पर पदाधिकारियों ने अफसरों को दफ्तर से बाहर न निकलने देने की चेतावनी दी।
मालूम हो कि कानपुर रीजन में आने वाले औरैया, कन्नौज, इटावा और फर्रुखाबाद जिलों में टेंपो, आटो परमिट ट्रांसफर पर रोक नहीं है जबकि कानपुर नगर और देहात में केवल परमिटधारकों के परिजनों को ही परमिट ट्रांसफर किए जा रहे हैं। साथ ही आरटीओ ने पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि परमिट ट्रांसफर कराने वाले सीधे फार्म आकर जमा करें। इससे नाराज टेंपो और ऑटो चालक महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष राम गोपाल पुरी के नेतृत्व में आरटीओ पहुंचे। दफ्तर में आरटीओ वीके सोनकिया के न मिलने पर सभी ने हंगामा शुरू कर दिया। बवाल बढ़ने पर कर्मचारी इधर-उधर हो गए। मौके पर पहुंची काकादेव पुलिस ने सभी को समझाकर किसी तरह शांत कराया। रामगोपाल पुरी ने आरोप लगया है कि बसपा शासन में जिस काम की वसूली सौ रुपये थी। अब सपा शासनकाल में वसूली का रेट आठ गुना हो गया है। उन्होंने कहा कि आरटीओ के भ्रष्टाचार को खोलकर ही दम लेंगे।
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यूनियन की वसूली बंद होने का विरोध
आरटीओ कानपुर वीके सोनकिया का कहना है कि टेंपो-टैक्सी महासंघ ने पर्चा छपवा एलान किया कि टेंपो, आटो परमिट ट्रांसफर कराने के लिए उनके पास आवेदन जमा करें। इसमें यूनियन नेताओं की बदनियती झलकती दिखी। इस कारण सीधे आवेदन जमा करने का फैसला हुआ था। रही बात परमिट हस्तांतरण की तो उस पर संभागीय परिवहन प्राधिकरण से रोक है। आरटीए ने परिजनों को परमिट हस्तांतरण का फरमान कई साल पहले जारी किया था।
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