फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच साल बाद मिला आउट आफ टर्न प्रमोशन

Sun, 07 Apr 2013 05:30 AM IST
Kanpur
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर। जालौन के गीतामऊ गांव में पांच साल पहले डाकू राजू सिंह उर्फ अजय और सुरेंद्र सिंह को मुठभेड़ में मारने वाले चार दरोगाओं, तीन हेड कांस्टेबलों और सात कांस्टेबलों को आउट आफ टर्न प्रमोशन दिया गया है। शासन ने 1 अप्रैल को इस बावत आदेश जारी कर दिए।
विज्ञापन

जालौन में पांच साल पहले डकैत राजू-सतराजू गैंग की तूती बोलती थी। 13 जुलाई-2008 को एसओजी प्रभारी राजीव प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक मनोज कुमार रघुवंशी अपनी 12 सदस्यीय टीम के साथ सिरसा कलार जालौन पहुंचे। इसमें कानपुर नगर का विशेष कार्यबल प्रभारी दरोगा राजेंद्र नागर, उदय प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल एनुउद्दीन, कांस्टेबल चालक अवधेश कुमार शामिल थे। एसओजी प्रभारी ने टीम के साथ राजू-सतराजू गैंग की तलाश में गीतामऊ के जंगलों में कांबिंग की गैंग ने हमला बोल दिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में राजू सिंह और सुरेंद्र सिंह मारे गए थे। सतराजू और गैंग के बाकी साथी भाग गए थे। तत्कालीन सरकार ने इस मुठभेड़ में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को आउट आफ टर्न प्रमोशन देने का ऐलान किया था। बाद में प्रमोशन की फाइल ठंडे बस्ते में डाल दी गई। इसके खिलाफ दरोगा मनोज कुमार रघुवंशी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट के आदेश पर आउट टर्न प्रोन्नत कमेटी ने इन पुलिसकर्मियों के कृत्यों का परीक्षण किया। कमेटी में शामिल आईजी प्रशासन/स्थापना रेणुका मिश्र, आईजी/डीजीपी केसहायक बीपी जोगदंड और आईजी एसटीएफ/ अपराध ने दरोगा मनोज कुमार रघुवंशी, उदय प्रताप सिंह, राजेंद्र कुमार नागर, बृजेश कुमार, हेड कांस्टेबल अनिल कुमार, एनुउद्दीन, माया प्रसाद, कांस्टेबल बृजेश कुमार, सर्वेश कुमार, भानु प्रताप सिंह, राजेश सिंह, कल्लू सिंह, संतोष कुमार और अबुतालिब जैदी को आउट आफ टर्न प्रमोशन देने की संस्तुति की। शासन ने कमेटी की सिफारिशों को मानते हुए एक अप्रैल को इन सभी पुलिसकर्मियों को आउट आफ टर्न प्रमोशन देने के आदेश जारी कर दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें