कानपुर। छावनी परिषद एरिया में बनने वाले तीनों फ्लाईओवरों से बोर्ड लाइसेंस शुल्क नहीं लेगा पर इन फ्लाईओवरों का मेंटीनेंस और मार्ग प्रकाश के रखरखाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार को उठानी होगी। यह फैसला बुधवार को छावनी परिषद की बैठक में लिया गया। इसके अलावा सड़क और फुटपाथ के सुंदरीकरण सहित कई प्रस्ताव पास हुए।
ब्रिगेडियर जेएस खेड़ा के न पहुंचने के कारण बोर्ड उपाध्यक्ष जगमोहन यादव की अध्यक्षता में बैठक हुई। छावनी परिषद में खपरा मोहाल, गंगाघाट और जयपुरिया क्रासिंगों पर फ्लाईओवर के लिए बोर्ड ने मुख्यालय से एनओसी मांगी थी। मुख्यालय ने आपत्ति लगाकर कहा था कि इन फ्लाईओवरों को बनाने वाली एजेंसी से लाइसेंस शुल्क लिया जाए। यह मामला बुधवार को बोर्ड की बैठक में रखा गया। सर्वसम्मति से फैसला हुआ कि छावनी बोर्ड लाइसेंस शुल्क नहीं लेगा पर इसका मेंटीनेंस (सड़क, टूट- फूट की रिपेयरिंग, लाइटिंग) निर्माण एजेंसी और रेलवे अपने-अपने हिस्से में कराएंगी। लखन ओमर और पार्षद परवीन नवाब ने इलाके में लंबित कार्यों का भी मसला रखा और कहा कि इन कार्यों पर ध्यान न दिया गया तो सदस्य विरोध करेंगे। इस मौके पर छावनी के सीईओ एनबी सत्यनारायण, कर्नल एसके अरोड़ा, अरविंद त्रिवेदी, बबिता सोनकर, सादिका बेगम, अरविंद और रामप्रकाश मौजूद रहे।
(इन कार्यों पर भी लगी मुहर)
- आवारा कुत्तों पर अंकुश लगाने का ठेका निजी संस्था को
- कंप्यूटर और फोटो कॉपी मशीन खरीदने की मंजूरी
- गोकुल नगरी को साल भीतर बसाने का फैसला
- ब्लैक लिस्टेड ठेकेदारों पर कार्रवाई जल्द
(इस ओर ध्यान नहीं)
- फार्कनर रोड और मैनहोलों की मरम्मत
- लालकुर्ती की सड़क
- नाली, खड़ंजा के चालीस मामले, अलग - अलग वार्डो में
नोट- ये सभी काम पूर्व की बैठकों में मंजूर है।
तबादला किया तो चाभी लेकर भागा कर्मचारी
कानपुर। छावनी परिषद के चालक श्रीकृष्ण का तबादला दूसरी जगह करने से वह इलेक्ट्रिक गाड़ी (लाइटिंग ठीक करने वाला वाहन) की चाभी लेकर भाग गया। इस कारण कई इलाकों में लाइटिंग ठीक नहीं हो सकी। पार्षदों ने इस मसले को बोर्ड में रखा। यह मामला अनुशासनहीनता का है। तय हुआ कि भगोड़े चालक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी।